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Report by: Ravindra Singh

Bhopal : मध्य प्रदेश के सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने प्रदेश की खेल अधोसंरचना और आगामी योजनाओं को लेकर एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। टीटी नगर स्टेडियम के मेजर ध्यानचंद हॉल में आयोजित इस बैठक में खेल विभाग के आला अधिकारी मौजूद रहे। मंत्री सारंग ने स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य खेलों को जमीनी स्तर तक पहुँचाना है, ताकि प्रदेश के कोने-कोने से छुपी हुई प्रतिभाएं निकलकर सामने आ सकें।

समर कैंप 2026: बच्चों के लिए बनेगा बड़ा मंच

Bhopal बैठक का मुख्य केंद्र आगामी अप्रैल माह में आयोजित होने वाले ग्रीष्मकालीन खेल शिविर (Summer Camp) रहे। मंत्री सारंग ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि इन कैंपों की तैयारी पुख्ता की जाए ताकि अधिक से अधिक बच्चे खेल मैदानों का रुख करें।

  • प्रतिभा खोज (Talent Hunt): इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि शुरुआती स्तर पर ही प्रतिभाशाली बच्चों की पहचान करना है।
  • प्रशिक्षण की गुणवत्ता: चिन्हित किए गए बच्चों को बाद में विशेषज्ञ कोचों की देखरेख में उत्कृष्ट खिलाड़ी के रूप में तैयार किया जाएगा।
  • व्यापक भागीदारी: विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के बच्चों को इन कैंपों से जोड़ा जाए, जिससे खेल संस्कृति को बढ़ावा मिल सके।

खेल अधोसंरचना का विकास: विभाग का अपना ‘सिविल विंग’

Bhopal खेल परिसरों के रखरखाव और नए स्टेडियमों के निर्माण में आने वाली देरी को दूर करने के लिए मंत्री ने एक दूरगामी निर्णय लिया है। उन्होंने विभाग का स्वयं का ‘सिविल विंग’ स्थापित करने के लिए एक विस्तृत कार्य योजना और प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए हैं।

  • निर्माण कार्यों में तेजी: वर्तमान में अन्य विभागों पर निर्भरता के कारण खेल परियोजनाओं में विलंब होता है। अपना सिविल विंग होने से निर्माण कार्य समय सीमा में पूरे हो सकेंगे।
  • बेहतर रखरखाव: खेल मैदानों और अकादमियों के रख-रखाव को अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बनाया जा सकेगा।
  • आधुनिक सुविधाएं: इस विंग के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप खेल अधोसंरचना तैयार करने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

कोचिंग व्यवस्था और अकादमियों का पुनर्गठन

Bhopal खिलाड़ियों के प्रदर्शन को सुधारने के लिए मंत्री विश्वास सारंग ने प्रशिक्षण प्रणाली में बड़े बदलाव के संकेत दिए हैं। उन्होंने कोचों की कार्यप्रणाली और अकादमियों के ढांचे को फिर से डिजाइन करने पर बल दिया।

  • कोचों की पदोन्नति: कोचों के मनोबल को बढ़ाने के लिए उनकी पदोन्नति प्रक्रिया की एक स्पष्ट कार्य योजना तैयार की जाएगी। साथ ही, हेड कोच और अन्य कोचों के बीच बेहतर तालमेल सुनिश्चित किया जाएगा।
  • एकसमान कार्यप्रणाली: फीडर सेंटर, स्मॉल सेंटर और खेल अकादमियों की कार्यप्रणाली का पुनरावलोकन किया जाएगा। इन्हें इस तरह ‘रीडिजाइन’ किया जाएगा कि सभी इकाइयों में प्रशिक्षण का एक जैसा और उच्च स्तर (Uniformity) स्थापित हो सके।
  • क्रमबद्ध विकास: खिलाड़ियों के विकास की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित किया जाएगा, ताकि एक छोटा खिलाड़ी क्रमबद्ध तरीके से फीडर सेंटर से होते हुए मुख्य अकादमी तक पहुँच सके।

उपस्थिति: इस महत्वपूर्ण बैठक में प्रमुख सचिव खेल एवं युवा कल्याण श्री मनीष सिंह, संचालक श्री अंशुमान यादव और उप-संचालक श्री बी.एस. यादव सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी सम्मिलित हुए।

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