Iran–Israel conflictIran–Israel conflict
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Iran–Israel conflict : मध्य-पूर्व (मिडिल-ईस्ट) में छिड़ा खूनी संघर्ष अब निर्णायक और बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुँच गया है। ईरान और इजरायल के बीच जारी इस जंग को आज 24 दिन बीत चुके हैं, लेकिन शांति की कोई गुंजाइश नजर नहीं आ रही है। ताजा घटनाक्रम में ईरान ने अमेरिका और इजरायल को दो-टूक चेतावनी देते हुए दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण तेल आपूर्ति लाइन ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ (Hormuz Strait) को बंद करने के संकेत दिए हैं। इस धमकी के बाद वैश्विक बाजार में हड़कंप मच गया है।

होर्मुज जलडमरूमध्य पर तनाव: ट्रंप के अल्टीमेटम का ईरान ने दिया करारा जवाब

Iran–Israel conflict अंतर्राष्ट्रीय राजनीति में उस समय खलबली मच गई जब डोनल्ड ट्रंप की ओर से ईरान को एक निश्चित समयसीमा के भीतर ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ को पूरी तरह खुला रखने का अल्टीमेटम दिया गया। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए ईरान ने स्पष्ट किया है कि यदि उसकी संप्रभुता को चुनौती दी गई, तो वह अगले 48 घंटों के भीतर इस समुद्री मार्ग को अवरुद्ध कर सकता है।

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया पर स्पष्ट किया कि वर्तमान में यह मार्ग बंद नहीं है, लेकिन जहाजों की आवाजाही में हो रही देरी के लिए अमेरिका और इजरायल की युद्धोन्मादी नीतियां जिम्मेदार हैं। ईरान का तर्क है कि बीमा कंपनियों द्वारा युद्ध के डर से जहाजों का बीमा न करना इस संकट का मुख्य कारण है। ईरान ने दो-टूक कहा है कि वह किसी भी बाहरी दबाव या धमकी के आगे झुकने वाला नहीं है।

राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन का कड़ा रुख: ‘दबाव की राजनीति नहीं चलेगी’

Iran–Israel conflict ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने इस संघर्ष के बीच एक बेहद सख्त संदेश जारी किया है। उन्होंने कहा कि ईरान को मिटाने की बातें करना विरोधियों की हताशा को दर्शाता है। पेजेशकियन के अनुसार, ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ उन देशों के लिए हमेशा खुला है जो ईरान के सम्मान और उसकी सीमाओं का आदर करते हैं, लेकिन आक्रामकता दिखाने वाले देशों के लिए इसके दरवाजे बंद किए जा सकते हैं।

ईरान के इस रुख ने न केवल अमेरिका बल्कि उन सभी यूरोपीय और एशियाई देशों की चिंता बढ़ा दी है जो अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए इसी समुद्री मार्ग पर निर्भर हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह मार्ग बंद होता है, तो वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में बेतहाशा बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे दुनिया भर में महंगाई का नया दौर शुरू हो जाएगा।

इजरायल में मानवीय संकट: घायलों की संख्या 4,600 के पार

Iran–Israel conflict जंग का सबसे दुखद पहलू इजरायल और लेबनान सीमा पर देखने को मिल रहा है। इजरायली स्वास्थ्य मंत्रालय की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, ईरान और हिजबुल्लाह के साथ बढ़ते संघर्ष के कारण अब तक 4,697 लोग घायल हो चुके हैं। युद्ध की विभीषिका इतनी तीव्र है कि अस्पतालों में लगातार मरीजों की संख्या बढ़ रही है।

वर्तमान में 124 लोग गंभीर रूप से घायल होकर अस्पतालों में उपचाराधीन हैं, जिनमें से 14 की स्थिति अत्यंत नाजुक बताई जा रही है। लेबनान की ओर से हो रही रॉकेट बारी और इजरायल की जवाबी कार्रवाई ने पूरे क्षेत्र को मलबे के ढेर में तब्दील करना शुरू कर दिया है। अंतर्राष्ट्रीय समुदाय इस समय मूकदर्शक बना हुआ है, जबकि मिडिल-ईस्ट एक ऐसी आग में झुलस रहा है जिसकी तपिश पूरी दुनिया महसूस कर रही है।

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