US-Iran conflict : मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका और ईरान के बीच जुबानी जंग और सैन्य कार्रवाई ने एक नया मोड़ ले लिया है। हाल ही में अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने एक प्रेस वार्ता के दौरान ईरान को लेकर बेहद सख्त रुख अपनाया। उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि अमेरिका पीछे हटने वाला नहीं है और आने वाले दिनों में ईरान को और भी घातक सैन्य अभियानों का सामना करना पड़ सकता है। हेगसेथ के अनुसार, खाड़ी क्षेत्र में चल रहे इस संघर्ष का समापन केवल अमेरिका की शर्तों पर ही होगा।
ईरान की सैन्य शक्ति में भारी गिरावट और एयर डिफेंस का ध्वस्त होना
US-Iran conflict रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने दावा किया कि अमेरिका द्वारा अब तक किए गए लगभग 7,000 हमलों ने ईरानी सैन्य ढांचे की कमर तोड़ दी है। उन्होंने विशेष रूप से खार्ग द्वीप (Kharg Island) पर स्थित सैन्य ठिकानों का उल्लेख करते हुए बताया कि इन हमलों ने अमेरिका को रणनीतिक रूप से बढ़त दिलाई है।
हेगसेथ के अनुसार, ईरान का हवाई रक्षा तंत्र (Air Defense System) अब इतना कमजोर हो चुका है कि वह अमेरिकी विमानों और मिसाइलों को रोकने में सक्षम नहीं है। अमेरिकी रक्षा विभाग का मानना है कि इन हमलों के बाद ईरान की नई बैलिस्टिक मिसाइलें बनाने की क्षमता को भी गहरा आघात लगा है। इसके अलावा, ईरानी नौसेना को हुए नुकसान के आंकड़े भी चौंकाने वाले हैं; दावा किया गया है कि ईरान के लगभग 120 जहाज या तो पूरी तरह नष्ट हो चुके हैं या गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हैं, जबकि उनकी 11 पनडुब्बियां अब निष्क्रिय हो चुकी हैं।
परमाणु लक्ष्य और ड्रोन हमलों में 90% की कमी
US-Iran conflict अमेरिका के इस आक्रामक रुख का प्राथमिक उद्देश्य ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने से रोकना है। हेगसेथ ने दोहराया कि वाशिंगटन का यह लक्ष्य अटल है और इसमें कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने युद्ध के मैदान से सकारात्मक रिपोर्ट साझा करते हुए कहा कि अमेरिकी कार्रवाई के परिणामस्वरूप ईरान की ओर से होने वाले बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमलों में 90% तक की गिरावट दर्ज की गई है।
यह आंकड़ा दर्शाता है कि ईरान की हमला करने की क्षमता अब सीमित होती जा रही है। हेगसेथ ने उन विशेषज्ञों की चिंताओं को भी खारिज कर दिया जो इस युद्ध के लंबे समय तक खिंचने की भविष्यवाणी कर रहे थे। उनका मानना है कि ईरान की घटती सैन्य ताकत इस बात का संकेत है कि युद्ध अब अपने निर्णायक चरण की ओर बढ़ रहा है।
ईरानी नेतृत्व और शासन की रणनीतियों पर तीखा प्रहार
US-Iran conflict ईरानी सैन्य नेतृत्व पर कटाक्ष करते हुए हेगसेथ ने कहा कि वर्तमान में तेहरान के कमांडरों की स्थिति अत्यंत अस्थिर और चुनौतीपूर्ण है। उन्होंने ईरानी शासन की तुलना आतंकवादी संगठन हमास से करते हुए आरोप लगाया कि ईरान ने अपने संसाधनों का उपयोग जनता के कल्याण के बजाय सुरंगों, घातक मिसाइलों और ड्रोन के निर्माण में किया है।
रक्षा मंत्री ने अंत में चेतावनी देते हुए कहा कि अमेरिका अपनी सैन्य उपस्थिति और मारक क्षमता को लगातार बढ़ा रहा है, जबकि ईरान हर बीतते दिन के साथ रक्षात्मक मुद्रा में आता जा रहा है। अगला बड़ा सैन्य अभियान न केवल ईरान की बची-कुची सैन्य शक्ति को निशाना बनाएगा, बल्कि यह क्षेत्र में अमेरिकी वर्चस्व को भी फिर से स्थापित करेगा।
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