Union Budget 2026: वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण का नौवां बजट, रचनात्मक अर्थव्यवस्था पर विशेष फोकस
केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में वर्ष 2026-27 का केंद्रीय बजट प्रस्तुत किया। यह उनका नौवां बजट रहा और स्वतंत्र भारत के इतिहास में पहली बार बजट को रविवार के दिन पेश किया गया। बजट में आर्थिक विकास, क्षमता निर्माण और सबका साथ, सबका विकास के सिद्धांत को केंद्र में रखा गया है।
इस बार बजट की सबसे बड़ी विशेषता क्रिएटिव इंडस्ट्रीज, जिसे ऑरेंज इकोनॉमी कहा जाता है, को सशक्त बनाने पर दिया गया जोर है। यह घोषणाएं डिजिटल और कंटेंट क्रिएशन से जुड़े युवाओं के लिए नए अवसर लेकर आई हैं।
Union Budget 2026: क्या है ऑरेंज इकोनॉमी और क्यों है यह अहम
ऑरेंज इकोनॉमी का आशय उन रचनात्मक क्षेत्रों से है, जिनमें एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग, कॉमिक्स (AVGC) और डिजिटल कंटेंट शामिल हैं। वैश्विक स्तर पर यह सेक्टर तेजी से विस्तार कर रहा है। भारत में यह न केवल रोजगार सृजन कर रहा है, बल्कि सांस्कृतिक निर्यात को भी मजबूती दे रहा है।
वित्तमंत्री ने अपने भाषण में बताया कि वर्ष 2030 तक AVGC इंडस्ट्री को लगभग 20 लाख प्रशिक्षित पेशेवरों की आवश्यकता होगी। इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए सरकार ने इस सेक्टर को नई दिशा देने का निर्णय लिया है।
Union Budget 2026: युवाओं के लिए रिसर्च और इनोवेशन को बढ़ावा
बजट में रिसर्च और इनोवेशन को भी अहम स्थान दिया गया है। दिल्ली-एनसीआर के युवा वैज्ञानिक श्रेयांस जैन का कहना है कि इस बजट ने उन युवाओं के लिए नई संभावनाएं खोली हैं, जिनके शोध प्रोजेक्ट संसाधनों की कमी के कारण आगे नहीं बढ़ पा रहे थे।
श्रेयांस जैन सेलेस्टियल एयरोस्पेस से जुड़े हैं और आईआईटी के सहयोग से बैलून-सहायता प्राप्त रॉकेट लॉन्च सिस्टम पर कार्य कर रहे हैं। इस तकनीक में ऊपरी वायुमंडल से रॉकेट लॉन्च कर ईंधन की बचत और पेलोड क्षमता को कई गुना बढ़ाया जा सकता है।
Union Budget 2026: क्रिएटिव जॉब्स का नया इंजन बनेगी ऑरेंज इकोनॉमी
बजट दस्तावेज़ों में ऑरेंज इकोनॉमी को ‘क्रिएटिव जॉब्स का नया इंजन’ बताया गया है। हालांकि भारत में क्रिएटिव स्टार्टअप्स और रोजगार के अवसर तेजी से बढ़े हैं, लेकिन स्किल गैप एक बड़ी चुनौती रहा है।
इसी को दूर करने के लिए सरकार ने स्कूल और कॉलेज स्तर से ही व्यावहारिक प्रशिक्षण देने की योजना बनाई है, जिससे छात्र प्रोफेशनल दुनिया के लिए तैयार हो सकें।
क्रिएटर लैब्स की स्थापना: बजट की प्रमुख घोषणा
बजट की सबसे महत्वपूर्ण घोषणाओं में से एक है मुंबई स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजीज (IICT) के सहयोग से कंटेंट क्रिएटर लैब्स की स्थापना।
इसके तहत:
- 15,000 माध्यमिक विद्यालयों
- 500 कॉलेजों
में विशेष लैब्स स्थापित की जाएंगी, जहां छात्रों को एनिमेशन, वीएफएक्स, गेमिंग और कॉमिक्स से जुड़ी तकनीकी ट्रेनिंग दी जाएगी।
कंटेंट क्रिएटर्स के लिए क्यों जरूरी हैं ये लैब्स
आज के डिजिटल युग में यूट्यूब, इंस्टाग्राम और अन्य प्लेटफॉर्म्स से लाखों युवा आय अर्जित कर रहे हैं, लेकिन प्रोफेशनल टूल्स और प्रशिक्षण की कमी कई प्रतिभाओं को पीछे छोड़ देती है।
ये लैब्स छात्रों को:
- वीडियो प्रोडक्शन
- एडिटिंग
- डिजिटल स्टोरीटेलिंग
- एक्सटेंडेड रियलिटी (XR)
जैसी आधुनिक स्किल्स सिखाएंगी। IICT के मार्गदर्शन में ये केंद्र जमीनी स्तर पर प्रतिभाओं को निखारने का कार्य करेंगे।
डिजिटल नॉलेज ग्रिड और डिजाइन शिक्षा को बढ़ावा
बजट में पूर्वी भारत में एक नए नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन एंड डेवलपमेंट की स्थापना का प्रस्ताव भी रखा गया है। इससे विजुअल डिजाइनिंग और क्रिएटिव एजुकेशन को मजबूती मिलेगी।
इसके साथ ही डिजिटल नॉलेज ग्रिड के निर्माण की घोषणा की गई है, जिसमें भारत की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और पर्यटन धरोहरों का डिजिटल दस्तावेज़ीकरण किया जाएगा। यह प्लेटफॉर्म कंटेंट क्रिएटर्स के लिए एक प्रामाणिक और ओपन डेटा सोर्स होगा।
पर्यटन और कंटेंट क्रिएशन का संगम
डिजिटल नॉलेज ग्रिड से जुड़े पायलट प्रोजेक्ट के तहत:
- 20 प्रमुख पर्यटन स्थलों
- 10,000 टूरिस्ट गाइड्स
को अपस्किल किया जाएगा। इससे कंटेंट क्रिएटर्स को ट्रैवल, हेरिटेज और डॉक्यूमेंट्री कंटेंट बनाने के अवसर मिलेंगे, जिन्हें वे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर मोनेटाइज कर सकेंगे।
स्टार्टअप्स और इंफ्रास्ट्रक्चर को अप्रत्यक्ष समर्थन
बजट में क्रिएटिव स्टार्टअप्स के लिए 10,000 करोड़ रुपये के फंड का प्रावधान किया गया है। साथ ही, म्यूनिसिपल बॉन्ड्स के लिए 100 करोड़ रुपये का इंसेंटिव बड़े शहरों में बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और क्रिएटिव हब्स के विकास में सहायक होगा।
भारत को क्रिएटिव सुपरपावर बनाने की दिशा में कदम
दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर प्रभांशु ओझा के अनुसार यह बजट शिक्षा, स्किल डेवलपमेंट और रोजगार सृजन के माध्यम से कंटेंट क्रिएटर्स को मजबूत आधार प्रदान करता है।
क्रिएटर लैब्स, डिजिटल नॉलेज ग्रिड और डिजाइन संस्थान जैसी पहलें भारत को वैश्विक क्रिएटिव सुपरपावर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। यह बजट युवाओं को केंद्र में रखकर विकसित भारत के विजन को सशक्त करता है।
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