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Ajit Pawar: अजित पवार के निधन से देशभर में शोक की लहर

महाराष्ट्र की राजनीति के लिए बुधवार की सुबह एक दर्दनाक खबर लेकर आई, जब उपमुख्यमंत्री अजित पवार का बारामती में हुए विमान हादसे में निधन हो गया। लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हुए लियरजेट-45 विमान में सवार सभी छह लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना से न केवल महाराष्ट्र बल्कि पूरे देश में शोक का माहौल है। राजनीतिक, सामाजिक और प्रशासनिक स्तर पर इस हादसे को एक बड़ी क्षति के रूप में देखा जा रहा है।

Ajit Pawar: लैंडिंग के दौरान हुआ भीषण हादसा

यह हादसा बुधवार सुबह करीब पौने नौ बजे बारामती एयरपोर्ट पर हुआ। निजी ऑपरेटर वीएसआर द्वारा संचालित यह विमान उतरते समय रनवे पार कर गया और क्रैश हो गया। दुर्घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस और एयरपोर्ट सुरक्षा दल तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। विमान में सवार किसी भी व्यक्ति को बचाया नहीं जा सका।

Ajit Pawar: विमान में सवार थे छह लोग

हादसे का शिकार हुए विमान में कुल छह लोग मौजूद थे। इनमें उपमुख्यमंत्री अजित पवार के अलावा दो वरिष्ठ अधिकारी, एक पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर (पीएसओ), एक अटेंडेंट, पायलट-इन-कमांड और फर्स्ट ऑफिसर शामिल थे। सभी की मौत की पुष्टि प्रशासन द्वारा की गई है। शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है और परिजनों को सूचना दी जा चुकी है।

बारामती के कार्यक्रमों के लिए निकले थे अजित पवार

बताया गया है कि 28 जनवरी को अजित पवार की बारामती में चार महत्वपूर्ण बैठकें निर्धारित थीं। वे हमेशा की तरह सुबह जल्दी इन बैठकों में शामिल होने के लिए रवाना हुए थे। बारामती से उनका दशकों पुराना राजनीतिक और भावनात्मक जुड़ाव रहा है, इसलिए इस क्षेत्र में शोक और भी गहरा है।

जांच के आदेश, नेताओं ने जताया दुख

घटना के बाद नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने हादसे की जांच के आदेश दे दिए हैं। शुरुआती जानकारी के अनुसार तकनीकी या लैंडिंग से जुड़ी गड़बड़ी की आशंका जताई जा रही है, हालांकि वास्तविक कारण जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से बात कर हादसे की जानकारी ली और गहरा शोक व्यक्त किया।

अजित पवार के निधन से महाराष्ट्र की राजनीति में एक बड़ा शून्य पैदा हो गया है। उनके जाने से राज्य की सत्ता समीकरणों और भविष्य की राजनीति पर गहरा असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।

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