By: Ravindra Sikarwar
नई दिल्ली/भोपाल: केंद्र और राज्यों की नौकरशाही इन दिनों लगातार बदलावों और अहम फैसलों के दौर से गुजर रही है। शीर्ष पदों पर संभावित नियुक्तियों, वरिष्ठ अधिकारियों के कार्यकाल, बजट से जुड़े संकेतों और अंतरराज्यीय व केंद्रीय प्रतिनियोजन को लेकर प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। बीते कुछ दिनों में सामने आए घटनाक्रम इस ओर इशारा करते हैं कि आने वाले समय में सरकारी व्यवस्था में बड़े स्तर पर फेरबदल देखने को मिल सकता है।
राज्यसभा सचिवालय में बदलाव के संकेत
राज्यसभा सचिवालय से जुड़ी गतिविधियां भी इस समय चर्चा में हैं। मौजूदा महासचिव पी.सी. मोदी का कार्यकाल शीघ्र समाप्त होने जा रहा है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, उन्हें सेवा विस्तार मिलने की संभावनाएं फिलहाल कमजोर मानी जा रही हैं। हालांकि इस संबंध में अभी तक कोई औपचारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन अंदरखाने इस पद को लेकर नए विकल्पों पर मंथन शुरू हो चुका है। यह पद संसद की कार्यप्रणाली में बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है, ऐसे में इस पर लिया जाने वाला फैसला दूरगामी असर डाल सकता है।
महाराष्ट्र में नए डीजीपी को लेकर चर्चाएं तेज
महाराष्ट्र में पुलिस प्रशासन के शीर्ष पद को लेकर भी सरगर्मी बढ़ी हुई है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के महानिदेशक सदानंद वसंत दाते को समय से पहले केंद्रीय प्रतिनियोजन से वापस बुलाए जाने के बाद अटकलों का दौर शुरू हो गया है। 1990 बैच के महाराष्ट्र कैडर के इस आईपीएस अधिकारी को राज्य के अगले पुलिस महानिदेशक के रूप में देखा जा रहा है। मौजूदा डीजीपी रश्मि शुक्ला का कार्यकाल पूरा होने के बाद इस पद पर नई नियुक्ति की प्रक्रिया तेज होने की संभावना है।
बैंकिंग सेक्टर में शीर्ष नियुक्ति पर मुहर की तैयारी
सरकारी बैंकिंग क्षेत्र में भी एक अहम प्रशासनिक कदम सामने आया है। केनरा बैंक के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (एमडी एवं सीईओ) पद के लिए ब्रजेश कुमार सिंह के नाम की सिफारिश की गई है। बैंकिंग जगत में इसे एक महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है, क्योंकि इस पद पर बैठने वाले अधिकारी की भूमिका बैंक की नीतियों और वित्तीय स्थिरता के लिए निर्णायक होती है।
रक्षा बजट में ऐतिहासिक बढ़ोतरी के संकेत
वित्त वर्ष 2026 को लेकर रक्षा बजट में बड़े इजाफे की संभावनाएं जताई जा रही हैं। सूत्रों के मुताबिक, रक्षा बजट में करीब 20 प्रतिशत की वृद्धि हो सकती है। इससे मौजूदा बजट 6.81 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर लगभग 8.17 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। इसके साथ ही अनुसंधान एवं विकास (R&D) के लिए भी 35,000 से 40,000 करोड़ रुपये तक के अतिरिक्त आवंटन की उम्मीद है।
हालांकि, सातवें वेतन आयोग से जुड़ी वेतन और पेंशन संबंधी मांगें इस बजट पर दबाव डाल सकती हैं। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि वास्तविक प्रभाव तभी दिखेगा जब पूंजीगत व्यय में कम से कम 45,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त वृद्धि की जाए।
हिमाचल प्रदेश में मुख्य सचिव की भूमिका की सराहना
हिमाचल प्रदेश में प्रशासनिक स्तर पर चल रही अंदरूनी खींचतान के बावजूद मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मुख्य सचिव संजय गुप्ता के कामकाज की खुले तौर पर प्रशंसा की है। विकास परियोजनाओं में आ रही अड़चनों को दूर करने और नीतिगत स्थिरता बनाए रखने में उनकी भूमिका को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे संकेत मिलते हैं कि राज्य सरकार प्रशासनिक संतुलन बनाए रखने को लेकर गंभीर है।
केंद्रीय प्रतिनियोजन पर भेजे गए वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी
तमिलनाडु कैडर के 1994 बैच के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी महेश कुमार अग्रवाल को केंद्रीय प्रतिनियोजन पर भेजा गया है। उन्हें सीबी-सीआईडी से सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) में स्पेशल डीजी (मानवाधिकार) के पद पर नियुक्त किया गया है। यह फैसला केंद्र सरकार की उस नीति को दर्शाता है, जिसके तहत अनुभवी अधिकारियों को संवेदनशील जिम्मेदारियां सौंपी जा रही हैं।
बदलाव के दौर से गुजर रही नौकरशाही
कुल मिलाकर, केंद्र और राज्यों की नौकरशाही इस समय बड़े बदलावों के संकेत दे रही है। नियुक्तियों, बजट बढ़ोतरी, प्रतिनियोजन और प्रशासनिक संतुलन से जुड़े फैसले आने वाले महीनों में सरकारी तंत्र की दिशा और दशा तय करेंगे। यह स्पष्ट है कि सत्ता के गलियारों में हलचल अभी और तेज होने वाली है।
