By: Ravindra Sikarwar
भिंड: केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान शुक्रवार देर रात अचानक भिंड पहुंचे। व्यस्ततम कार्यक्रमों के बीच भी वे सिर्फ एक उद्देश्य से आए थे; अपने तीन दशक तक छाया की तरह साथ रहने वाले पूर्व अंगरक्षक हवलदार जयद्रथ सिंह को अंतिम श्रद्धांजलि देना और उनके परिवार को सांत्वना देना। जयद्रथ सिंह का कुछ दिन पहले लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया था।
शिवराज सिंह अपनी पत्नी साधना सिंह के साथ रात करीब 11:30 बजे भिंड पहुंचे। सबसे पहले वे शहर के प्रमुख भाजपा नेता स्व. डॉ. गुलाब सिंह किरार के परिवार से मिलने उनके निवास पहुंचे और परिजनों को ढांढस बंधाया। इसके बाद सीधे गोहद चौराहा क्षेत्र स्थित जयद्रथ सिंह के घर गए। घर के बाहर ही भारी भीड़ जमा थी। जैसे ही शिवराज की गाड़ी रुकी, लोग “मामा-मामा” के नारे लगाने लगे, लेकिन शिवराज की आंखें नम थीं।
घर के अंदर पहुंचते ही वे जयद्रथ सिंह के पार्थिव शरीर के पास बैठ गए और कई मिनट तक मौन रहे। फिर फफक-फफक कर रो पड़े। उन्होंने जयद्रथ की पत्नी, दो बेटों और बेटी का हाथ थामा और कहा, “आज मैंने अपना भाई खो दिया। जयद्रथ सिर्फ अंगरक्षक नहीं था, मेरा परिवार था। 30 साल तक दिन-रात मेरे साथ रहा। कभी पीछे नहीं हटा। आज वह नहीं है, यह विश्वास नहीं हो रहा।”
शिवराज ने परिजनों से कहा, “तुम चिंता मत करना। जयद्रथ का परिवार अब मेरा परिवार है। जो बन पड़ेगा, मैं करूंगा।” उन्होंने जयद्रथ के बड़े बेटे को गले लगाया और कहा, “तुम्हारे पिताजी ने जो जिम्मेदारी मुझे सौंपी थी, अब मैं तुम्हारी जिम्मेदारी लेता हूं।” इस दौरान साधना सिंह भी परिजनों के साथ बैठी रहीं और महिलाओं को सांत्वना देती रहीं।
जयद्रथ सिंह 1995-96 बैच के पुलिसकर्मी थे और 1994 से शिवराज सिंह चौहान के साथ बतौर पीएसओ (व्यक्तिगत सुरक्षा अधिकारी) तैनात थे। चाहे विदिशा के गांव-गांव का दौरा हो या भोपाल का मुख्यमंत्री निवास, जयद्रथ हमेशा एक कदम पीछे खड़े रहते थे। सेवानिवृत्ति के बाद भी वे शिवराज के संपर्क में रहे और हर कार्यक्रम में साथ जाते थे। बीमारी के दौरान भी शिवराज कई बार उनसे मिलने अस्पताल पहुंचे थे।
घर से निकलते समय शिवराज ने मीडिया से संक्षिप्त बातचीत में कहा, “जयद्रथ जैसे निष्ठावान साथी बहुत कम मिलते हैं। उसने कभी अपना फर्ज नहीं छोड़ा। आज मैंने उसे अंतिम दर्शन किए, लेकिन उसकी यादें हमेशा साथ रहेंगी।” इसके बाद वे रात डेढ़ बजे तक भिंड में ही रुके और कुछ वरिष्ठ नेताओं से भी मुलाकात की। फिर दिल्ली के लिए रवाना हो गए।
जयद्रथ सिंह के निधन से पूरे भिंड जिले में शोक की लहर है। पुलिस लाइन में भी उनके साथियों की आंखें भर आईं। परिजनों ने बताया कि अंतिम यात्रा शनिवार सुबह निकलेगी और शिवराज सिंह चौहान ने वादा किया है कि जब भी अगला भिंड दौरा होगा, वे जरूर परिवार से मिलने आएंगे।
एक अंगरक्षक और उसके “सर” के बीच का यह 30 साल पुराना रिश्ता आज पूरे मध्य प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग कह रहे हैं, “नेता आते-जाते रहते हैं, लेकिन ऐसा भावनात्मक बंधन बहुत कम देखने को मिलता है।”
