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by-Ravindra Sikarwar

छत्तीसगढ़ में न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर धान खरीदी की शुरुआत के साथ ही पड़ोसी राज्यों से अवैध रूप से धान लाने की कोशिशों पर प्रशासन ने कड़ा शिकंजा कसा है। 1 नवंबर से 16 नवंबर तक की अवधि में कुल 19,320 क्विंटल अवैध धान जब्त किया जा चुका है। मार्कफेड द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, राज्य की सीमावर्ती क्षेत्रों में विशेष चेकपोस्ट स्थापित किए गए हैं और प्रत्येक जिले के कलेक्टर की अध्यक्षता में टास्क फोर्स का गठन किया गया है। इसके अलावा, मार्कफेड के एकीकृत कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से धान खरीदी प्रक्रिया की रियल-टाइम मॉनिटरिंग की जा रही है ताकि किसी भी तरह की अनियमितता पर तत्काल कार्रवाई हो सके।

जिला-वार जब्ती के आंकड़े:
मार्कफेड के आंकड़ों से पता चलता है कि सबसे ज्यादा अवैध धान महासमुंद जिले में पकड़ा गया, जहां 4,266 क्विंटल धान जब्त हुआ। अन्य प्रमुख जिलों की जब्ती इस प्रकार रही:

  • बलरामपुर: 4,229 क्विंटल 
  • सूरजपुर: 1,750 क्विंटल 
  • रायगढ़: 1,201 क्विंटल 
  • जशपुर: 1,157 क्विंटल 
  • कोण्डागांव: 1,101 क्विंटल 
  • गौरेला-पेंड्रा-मरवाही: 967 क्विंटल 
  • सारंगढ़-बिलाईगढ़: 687 क्विंटल 
  • राजनांदगांव: 607 क्विंटल 
  • मुंगेली: 491 क्विंटल 
  • बलौदाबाजार: 386 क्विंटल 
  • बिलासपुर: 273 क्विंटल 
  • कोरिया: 253 क्विंटल 
  • खैरागढ़-छुईखदान-गंडई: 251 क्विंटल 
  • सरगुजा: 240 क्विंटल 
  • मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर: 228 क्विंटल 
  • दंतेवाड़ा: 220 क्विंटल 
  • बस्तर: 219 क्विंटल 
  • सक्ती: 137 क्विंटल 
  • सुकमा: 130 क्विंटल 
  • बालोद: 124 क्विंटल 
  • गरियाबंद: 122 क्विंटल 
  • जांजगीर-चांपा: 119 क्विंटल 
  • कवर्धा: 91 क्विंटल 
  • रायपुर: 84 क्विंटल 
  • कोरबा: 82 क्विंटल 
  • धमतरी: 73 क्विंटल 
  • नारायणपुर: 53 क्विंटल 
  • दुर्ग: 38 क्विंटल 
  • बेमेतरा: 32 क्विंटल 
  • मोहला-मानपुर-चौकी: 27 क्विंटल 

ये आंकड़े दर्शाते हैं कि सीमावर्ती और संवेदनशील जिलों में अवैध परिवहन की कोशिशें अधिक हुईं, लेकिन प्रशासन की सतर्कता से उन्हें रोका गया।

कलेक्टर की समीक्षा बैठक और सख्त निर्देश:
जिला कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने धान उपार्जन केंद्रों के नोडल अधिकारियों, सहकारी समिति प्रबंधकों, पटवारियों, कृषि विस्तार अधिकारियों तथा पंचायत सचिवों के साथ विस्तृत बैठक की। बैठक में धान खरीदी व्यवस्था की बारीकियों पर चर्चा हुई। कलेक्टर ने कहा कि धान खरीदी को एक पर्व के रूप में मनाया जाना चाहिए और इसमें शामिल सभी अधिकारी-कर्मचारी पूर्ण समर्पण भाव से कार्य करें। उन्होंने तकनीकी सहायता के लिए विशेष प्रशिक्षण वीडियो तैयार करने की जानकारी दी। साथ ही, आवश्यक सेवा संरक्षण अधिनियम (एस्मा) के तहत किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनुशासनहीनता पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी।

पुलिस की भूमिका और समन्वय:
जिले के पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) डॉ. लाल उम्मेद सिंह ने बैठक में मौजूद सभी विभागों से आपसी समन्वय बनाए रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था में किसी भी तरह की बाधा आने पर तुरंत पुलिस को सूचित किया जाए ताकि त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।

मार्कफेड और जिला प्रशासन मिलकर धान खरीदी प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाने में जुटा है। अवैध धान के परिवहन को रोकने के लिए निरंतर निगरानी और सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है, जिससे राज्य के किसानों के हितों की रक्षा हो सके।