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by-Ravindra Sikarwar

दुबई इंटरनेशनल एयर शो 2025, जो 17 नवंबर से शुरू हो चुका है, में भारत की स्वदेशी रक्षा तकनीक ने वैश्विक ध्यान खींचा है। इस प्रमुख एयरोस्पेस प्रदर्शनी में भारतीय वायुसेना और हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) द्वारा विकसित तेजस मार्क-1ए लड़ाकू विमान ने अपनी पहली अंतरराष्ट्रीय उड़ान भरकर सबको प्रभावित किया। यह विमान न केवल आकाश में तेज गति और चुस्ती का प्रदर्शन कर रहा है, बल्कि भारत की ‘आत्मनिर्भर भारत’ पहल को मजबूत वैश्विक मंच पर पेश कर रहा है।

प्रदर्शन की मुख्य झलकियाँ:

  • उड़ान प्रदर्शन: तेजस ने दुबई के अल मकतूम इंटरनेशनल एयरपोर्ट के ऊपर हाई-स्पीड मैन्यूवर्स, लो-लेवल फ्लाई-पास और एरोबेटिक स्टंट्स दिखाए। इसमें वर्टिकल क्लाइंब, टाइट टर्न्स और सुपरसॉनिक स्पीड की क्षमता शामिल थी, जो दर्शकों और विशेषज्ञों से तालियाँ बटोर रही है।
  • तकनीकी विशेषताएँ: यह चौथी पीढ़ी का मल्टी-रोल फाइटर जेट है, जो GE F404 इंजन से संचालित होता है। इसमें एडवांस्ड रडार, इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सिस्टम, मिसाइल लॉन्च क्षमता और 8 टन तक हथियार ले जाने की क्षमता है। मार्क-1ए वर्जन में ऑटोमेटेड फ्यूल मैनेजमेंट और बेहतर एवियोनिक्स जैसे अपग्रेड्स हैं।
  • भारतीय दल की भागीदारी: HAL के स्टॉल पर तेजस का स्टेटिक डिस्प्ले रखा गया है, जहाँ विदेशी प्रतिनिधि और खरीदार इसके कॉकपिट, सेंसर और निर्माण गुणवत्ता का निरीक्षण कर रहे हैं। भारतीय वायुसेना के पायलट ग्रुप कैप्टन (रिटायर्ड) जैसे विशेषज्ञ प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे हैं।

वैश्विक महत्व और भारत की रणनीति:
यह प्रदर्शन भारत की रक्षा निर्यात नीति का हिस्सा है। तेजस पहले से ही भारतीय वायुसेना में 40 से अधिक यूनिट्स के साथ सेवा दे रहा है, और अब मलेशिया, अर्जेंटीना, मिस्र जैसे देशों से ऑर्डर की संभावना बन रही है। दुबई एयर शो में बोइंग, लॉकहीड मार्टिन और राफेल जैसे दिग्गजों के बीच तेजस की मौजूदगी भारत को वैश्विक रक्षा बाजार में एक मजबूत खिलाड़ी के रूप में स्थापित कर रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह कदम न केवल निर्यात बढ़ाएगा बल्कि विदेशी निवेश और तकनीकी सहयोग को भी आकर्षित करेगा।

पृष्ठभूमि और भविष्य:
तेजस प्रोजेक्ट 1980 के दशक से चला आ रहा है और अब यह भारत की इंजीनियरिंग क्षमता का प्रतीक बन चुका है। शो के दौरान HAL ने तेजस मार्क-2 के मॉडल भी पेश किए, जो 2028 तक तैयार होने की उम्मीद है। इस आयोजन से भारत की रक्षा क्षमता दुनिया के सामने चमक रही है, जो ‘मेक इन इंडिया’ अभियान को नई ऊँचाइयाँ दे रहा है।

यह प्रदर्शन 21 नवंबर तक चलेगा, और अधिक अपडेट्स के लिए आधिकारिक स्रोतों पर नजर रखें। भारत की यह उपलब्धि गर्व की बात है!