by-Ravindra Sikarwar
कृष्णगिरि (तमिलनाडु): तमिलनाडु के कृष्णगिरि जिले के चिन्नाटी गांव में एक दिल दहला देने वाली हत्या की वारदात सामने आई है, जहां एक महिला और उसकी समलैंगिक साथी को उसके छह माह के बेटे की निर्मम हत्या के आरोप में धर दबोचा गया। यह गिरफ्तारी बच्चे के पिता के हत्यारे शक जाहिर करने के कुछ ही दिनों बाद हुई, जिसकी शिकायत पर पुलिस ने शव का पोस्टमॉर्टम कराया और जांच की। शुरुआत में बच्चे की मौत को दूध पिलाते समय प्राकृतिक कारणों से हुई समझा गया था, लेकिन अब सच्चाई यह है कि यह घुटन देकर और गला घोंटकर की गई बेरहमी भरी हत्या थी।
वारदात 4 नवंबर 2025 को घटी। मुख्य आरोपी 26 वर्षीय एस. भारती, 38 वर्षीय सुरेश (दैनिक मजदूर) की जीवनसंगिनी है। भारती के दो बेटियां पहले से हैं, और यह बेटा मई 2025 में पैदा हुआ था। सुरेश के बयान के अनुसार, भारती ने बच्चे को दूध पिलाया तो वह तुरंत बेहोश हो गया। केलामंगलम सरकारी अस्पताल ले जाने पर बच्चे को मृत घोषित कर दिया गया। पुलिस ने अस्वाभाविक मौत का केस दर्ज किया, मगर पोस्टमॉर्टम नहीं कराया और परिवार ने शव को खेत में दफना दिया।
सुरेश को पत्नी पर संदेह तब हुआ जब मौत के बाद वह बिल्कुल सामान्य और प्रसन्न दिखी। पता चला कि सुरेश ने भारती का फोन जांचा तो पड़ोसन 22 वर्षीय सुमित्रा के साथ अंतरंग चैट, तस्वीरें और वीडियो नजर आए, जो दोनों के गुप्त रिश्ते को बयान कर रहे थे। बच्चे की मौत के बाद भारती ने सुमित्रा को बच्चे की तस्वीर भेजी थी। सुरेश ने सोचा कि बच्चा उनके प्रेम में रुकावट बन गया। 7 नवंबर को उसने केलामंगलम थाने में एफआईआर दर्ज कराई और एक फोन कॉल रिकॉर्डिंग भी दी, जिसमें भारती कथित तौर पर हत्या कबूलती हुई लग रही है।
पुलिस ने फौरन अमल किया और 8 नवंबर को शव को कब्र से निकाला। पोस्टमॉर्टम से साफ हुआ कि बच्चा घुटन (स्मदरिंग) और गला दबाव (स्ट्रैंगुलेशन) से मारा गया, जिसके निशान साफ दिखे। पूछताछ में भारती ने मान लिया कि वह सुरेश का बच्चा नहीं चाहती थी, क्योंकि वह सुमित्रा के साथ जीवन बिताना चाहती थी। उसने शिकायत की कि सुरेश न उसकी परवाह करता था न बच्चे की। सुमित्रा को भी अपराध में शामिल ठहराया गया, क्योंकि बेटे के जन्म के बाद दोनों के बीच विवाद हुए थे और सुमित्रा ने भारती को बच्चे को खत्म करने का कथित संकेत दिया। पुलिस ने दोनों को बीएनएस की धारा 103 (कत्ल) में पकड़ा और कोर्ट में पेश कर न्यायिक कस्टडी में डाल दिया।
केलामंगलम पुलिस के सीनियर अफसर ने कहा, “यह केस पहले दर्दनाक लग रहा था, लेकिन पिता की रिपोर्ट और डिजिटल क्लू ने राज खोल दिया। हम इलेक्ट्रॉनिक सबूतों की पड़ताल कर रहे हैं और दोनों का साइकोलॉजिकल टेस्ट कराने का मन बना रहे हैं ताकि हत्या का पूरा राज समझ आए।” सुरेश ने बताया कि वह मजदूरी से गुजारा करता है, भारती घर गृहस्थी संभालती थी और सुमित्रा उनका पड़ोसी है।
यह वाकया तमिलनाडु में महिलाओं के समलैंगिक संबंधों और पारिवारिक तनावों से जुड़े सवालों को फिर से सामने लाता है। जानकारों का मानना है कि ऐसे हालातों में मेंटल हेल्थ काउंसलिंग और रिलेशनशिप गाइडेंस जरूरी है। गांव में हड़कंप मच गया है, और पुलिस अन्य मददगारों की तलाश में जुटी है। जांच चल रही है, कोर्ट की अगली डेट 20 नवंबर है। यह घटना बच्चों पर हो रही हिंसा के बढ़ते सिलसिले को चेतावनी देती है, जहां पिछले माह बैंगलोर में एक आदमी ने प्रेमिका की सात साल की बेटी को मार डाला था, और इसी माह एक ड्राइवर ने बदले में पांच साल के बच्चे की हत्या की थी।
