Batuka Bhairava Jayanti : आज 24 जून 2026, बुधवार को ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि है। पंचांग के अनुसार, दशमी तिथि आज शाम 6 बजकर 13 मिनट तक रहेगी। सुबह 10 बजकर 23 मिनट तक परिघ योग का प्रभाव रहेगा। इसके अलावा दोपहर 1 बजकर 59 मिनट तक चित्रा नक्षत्र रहेगा, जिसके बाद स्वाती नक्षत्र प्रारंभ होगा। आज का दिन श्री बटुक भैरव जयंती के रूप में भी विशेष महत्व रखता है। आइए जानते हैं आज का शुभ-अशुभ समय, राहुकाल, सूर्योदय-सूर्यास्त और पंचांग की महत्वपूर्ण जानकारी।
Batuka Bhairava Jayanti बटुक भैरव जयंती का महत्व
आज भगवान बटुक भैरव की जयंती मनाई जाएगी। धार्मिक मान्यता के अनुसार, भगवान भैरव के दो प्रमुख स्वरूप माने जाते हैं—काल भैरव और बटुक भैरव। इनमें बटुक भैरव को सौम्य और सात्विक स्वरूप माना जाता है।
बटुक भैरव की पूजा में बेसन के लड्डुओं का भोग अर्पित करने की परंपरा है। श्रद्धापूर्वक उनकी आराधना करने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है, नकारात्मक शक्तियों से रक्षा होती है और अज्ञात भय से मुक्ति मिलने की मान्यता है।
Batuka Bhairava Jayanti 24 जून 2026 का पंचांग
- तिथि: ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष दशमी (शाम 6:13 बजे तक)
- योग: परिघ योग (सुबह 10:23 बजे तक)
- नक्षत्र: चित्रा (दोपहर 1:59 बजे तक), इसके बाद स्वाती नक्षत्र
- विशेष पर्व: श्री बटुक भैरव जयंती
Batuka Bhairava Jayanti 24 जून 2026 के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:37 बजे से 5:20 बजे तक
- अभिजीत मुहूर्त: आज नहीं है
- विजय मुहूर्त: दोपहर 2:54 बजे से 3:47 बजे तक
- गोधूलि मुहूर्त: शाम 7:18 बजे से 7:40 बजे तक
- अमृत काल: सुबह 7:01 बजे से 8:46 बजे तक
- रवि योग: पूरे दिन
Batuka Bhairava Jayanti 24 जून 2026 का अशुभ समय
- राहुकाल: दोपहर 12:41 बजे से 2:21 बजे तक
- यमगण्ड: सुबह 7:42 बजे से 9:22 बजे तक
- आडल योग: सुबह 6:03 बजे से दोपहर 1:59 बजे तक
- विडाल योग: दोपहर 1:59 बजे से 25 जून सुबह 6:03 बजे तक
- गुलिक काल: सुबह 11:01 बजे से दोपहर 12:41 बजे तक
- दुर्मुहूर्त: दोपहर 12:14 बजे से 1:07 बजे तक
- वर्ज्य काल: रात 8:10 बजे से 9:56 बजे तक
- बाण (रोग): रात 11:14 बजे तक
Batuka Bhairava Jayanti सूर्योदय और सूर्यास्त का समय
- सूर्योदय: सुबह 5:23 बजे
- सूर्यास्त: शाम 7:22 बजे
आज का दिन धार्मिक दृष्टि से अत्यंत शुभ माना गया है क्योंकि बटुक भैरव जयंती का पावन पर्व मनाया जाएगा। यदि आप पूजा, जप, दान या किसी शुभ कार्य की योजना बना रहे हैं तो शुभ मुहूर्त का विशेष ध्यान रखें। वहीं राहुकाल और अन्य अशुभ समय में महत्वपूर्ण कार्यों की शुरुआत करने से बचना बेहतर माना जाता है।

