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दुबई दौरे पर पहुंचे मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश को निवेश, उद्योग और रोजगार के लिहाज से तेजी से उभरता हुआ राज्य बताया। एमपी पवेलियन में उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से चर्चा के दौरान उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अलग-अलग क्षेत्रों की स्थानीय क्षमता को पहचानकर उसे औद्योगिक गतिविधियों और रोजगार के अवसरों में बदलने पर काम कर रही है।

मुख्यमंत्री ने निवेशकों को फूड प्रोसेसिंग, टेक्सटाइल, IT, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डेटा सेक्टर, ड्रोन, डिफेंस और साइंस सिटी जैसे क्षेत्रों में उपलब्ध संभावनाओं की जानकारी दी। उनका कहना था कि इन क्षेत्रों के लिए प्रदेश में जरूरी नीतियां, संसाधन और बुनियादी ढांचा विकसित किया जा रहा है।

25 से ज्यादा नई नीतियों से कारोबारी माहौल मजबूत

सीएम यादव के मुताबिक केंद्र सरकार की ईज ऑफ डूइंग बिजनेस से जुड़ी पहल को मध्य प्रदेश में लागू करने के लिए कई स्तरों पर सुधार किए गए हैं। सरकार ने पुराने और अप्रासंगिक कानूनों को हटाने के साथ 25 से अधिक नई नीतियां लागू की हैं।

उनका दावा है कि नीतिगत बदलावों से राज्य में उद्योग लगाने की प्रक्रिया आसान हुई है और निवेशकों के लिए कारोबारी वातावरण पहले की तुलना में अधिक सुविधाजनक बना है। सरकार का जोर बड़े निवेश के साथ छोटे और स्थानीय उद्यमों को आगे बढ़ाने पर भी है।

MSME में 1.10 करोड़ से ज्यादा लोगों को रोजगार

मुख्यमंत्री ने MSME सेक्टर को प्रदेश की अर्थव्यवस्था का अहम आधार बताया। उनके अनुसार मध्य प्रदेश में इस क्षेत्र से 1.10 करोड़ से अधिक लोग जुड़े हुए हैं। सरकार का कहना है कि उत्पादन और निर्यात दोनों मोर्चों पर राज्य अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है।

वित्त वर्ष 2026-27 में प्रदेश से 76 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निर्यात होने की बात भी मुख्यमंत्री ने कही। उन्होंने बताया कि निवेश बढ़ाने के साथ स्थानीय कारोबारियों को विस्तार के लिए बेहतर सुविधाएं देने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।

AI, डेटा, ड्रोन और डिफेंस सेक्टर पर खास नजर

भविष्य की तकनीक और नई अर्थव्यवस्था को देखते हुए राज्य सरकार AI, डेटा, ड्रोन और डिफेंस जैसे क्षेत्रों को प्राथमिकता दे रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि रीवा, इंदौर और उज्जैन में तीन नए IT पार्क विकसित किए जा रहे हैं।

इन परियोजनाओं से IT कंपनियों, स्टार्टअप और तकनीकी क्षेत्र में काम करने वाले युवाओं के लिए नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है। इसके अलावा प्रदेश में साइंस सिटी विकसित करने की योजना भी है, जिसे विज्ञान, तकनीक, नवाचार और कौशल विकास से जोड़कर देखा जा रहा है।

जमीन, बिजली और ग्रीन एनर्जी को बताया MP की ताकत

मुख्यमंत्री ने निवेशकों के सामने मध्य प्रदेश की बुनियादी सुविधाओं को भी प्रमुख ताकत के रूप में पेश किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में उद्योगों के लिए पर्याप्त भूमि, लैंड बैंक, बिजली और जल संसाधन उपलब्ध हैं। ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में भी मध्य प्रदेश तेजी से अपनी क्षमता बढ़ा रहा है।

सीएम के अनुसार प्रतिस्पर्धी दरों पर बिजली, पर्याप्त संसाधन और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर का संयोजन राज्य को उद्योगों के लिए आकर्षक बनाता है। सड़क, रेल और हवाई कनेक्टिविटी में सुधार के कारण प्रदेश देश के अन्य हिस्सों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजारों से भी बेहतर तरीके से जुड़ रहा है।

रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के बाद अब जिला स्तर पर फोकस

मोहन यादव ने कहा कि रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के जरिए राज्य के अलग-अलग हिस्सों में निवेश की संभावनाओं को सामने लाने का प्रयास किया गया है। अब सरकार औद्योगिक गतिविधियों को बड़े शहरों से आगे जिलों और स्थानीय क्षेत्रों तक ले जाने पर ध्यान दे रही है।

सरकार प्रत्येक क्षेत्र के उपलब्ध संसाधनों और स्थानीय क्षमता की पहचान कर वहां उद्योग स्थापित करने की संभावनाएं तलाश रही है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार पैदा करने और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का लक्ष्य है।

शिक्षा और स्वास्थ्य को भी रोजगार से जोड़ने की तैयारी

मुख्यमंत्री ने कहा कि निवेश आकर्षित करने के लिए केवल जमीन और इंफ्रास्ट्रक्चर पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि प्रशिक्षित मानव संसाधन भी जरूरी है। इसी वजह से प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को रोजगारोन्मुख बनाने पर जोर दिया जा रहा है।

स्वास्थ्य क्षेत्र में भी बेहतर सुविधाओं के साथ निवेश और रोजगार के नए अवसर विकसित करने की दिशा में काम किए जाने की बात मुख्यमंत्री ने कही।

भोपाल-इंदौर से इंटरनेशनल कनेक्टिविटी, चार नए एयरपोर्ट की तैयारी

निवेश और पर्यटन के विस्तार के लिए हवाई संपर्क को महत्वपूर्ण बताते हुए सीएम यादव ने कहा कि भोपाल और इंदौर से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की सुविधा उपलब्ध है। प्रदेश में चार नए एयरपोर्ट विकसित करने की तैयारी चल रही है।

ग्वालियर और जबलपुर में भी एयर कनेक्टिविटी को मजबूत करने पर काम किया जा रहा है। मुख्यमंत्री के अनुसार सड़क, रेल और हवाई नेटवर्क के विस्तार से मध्य प्रदेश की कारोबारी पहुंच लगातार बढ़ रही है।

महाकाल लोक के बाद पर्यटन को मिली नई रफ्तार

मुख्यमंत्री ने औद्योगिक निवेश के साथ पर्यटन को भी मध्य प्रदेश की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण क्षेत्र बताया। उन्होंने कहा कि महाकाल लोक के विकास के बाद उज्जैन में पर्यटकों और श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

उनके अनुसार इस वर्ष प्रदेश में करीब 14 करोड़ बाहरी पर्यटकों के आने की बात सामने आई है। पर्यटन बढ़ने से होटल, परिवहन, खान-पान, हस्तशिल्प, स्थानीय उत्पाद और फूड प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों में भी कारोबार और रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं।

स्थानीय क्षमता को निवेश और रोजगार में बदलने का लक्ष्य

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश में कृषि आधारित उद्योगों से लेकर टेक्सटाइल, IT, AI, डेटा, ड्रोन, डिफेंस और पर्यटन तक विभिन्न क्षेत्रों में निवेश की व्यापक संभावनाएं हैं।

सरकार का लक्ष्य प्रदेश में उपलब्ध भूमि, पानी, बिजली, ग्रीन एनर्जी, इंफ्रास्ट्रक्चर और मानव संसाधन को उद्योगों से जोड़ना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश की रणनीति स्पष्ट है—स्थानीय क्षमता को निवेश में, निवेश को उत्पादन में और उत्पादन को रोजगार के अवसरों में बदला जाए।