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रिपोर्टर: योगेन्‍द्र सिंह

Varanasi : उत्तर प्रदेश के वाराणसी से रिश्तों को तार-तार कर देने वाला एक अत्यंत संवेदनशील मामला प्रकाश में आया है। पुलिस द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, आर्थिक तंगहाली और पारिवारिक विवाद के चलते बिहार की एक महिला ने अपनी ही 12 वर्षीय मासूम बेटी का सौदा कर दिया। इस घिनौने कृत्य में शामिल मुख्य आरोपियों और बच्ची की मां सहित तीन लोगों को पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए गिरफ्तार कर लिया है। न्यायालय के आदेश के बाद सभी आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।

Varanasi चंद पैसों के लालच में मासूम का सौदा

पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि बिहार के अरवल जिले की रहने वाली एक महिला ने अपनी बड़ी बेटी को मात्र 16 हजार रुपये और 10 साड़ियों के बदले उत्तर प्रदेश के चंदौली निवासी लहरू यादव नामक व्यक्ति को सौंप दिया। आरोपी ने करीब चार महीने तक नाबालिग को बंधक बनाकर रखा और उसके साथ शारीरिक शोषण किया। इसके बाद, वह कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए बच्ची को वाराणसी के कैंट रेलवे स्टेशन पर अकेला छोड़कर फरार हो गया।

Varanasi मदद के बहाने दोबारा हुआ शोषण, पड़ोसियों की सतर्कता से खुलासा

कैंट स्टेशन पर लावारिस हालत में रोती हुई बच्ची के पास झारखंड का रहने वाला एक ऑटो चालक, रवि वर्मा, मददगार बनकर पहुंचा। वह सुरक्षा देने के बहाने नाबालिग को सारनाथ क्षेत्र स्थित अपने किराए के कमरे पर ले गया, जहाँ उसने भी बच्ची के साथ गलत काम किया। मंगलवार सुबह जब कमरे से बच्ची के रोने और चीखने की आवाजें आईं, तो आस-पास के स्थानीय निवासियों ने सूझबूझ दिखाते हुए तुरंत स्थानीय सारनाथ पुलिस को इसकी सूचना दी।

Varanasi पुलिस की त्वरित कार्रवाई और आरोपियों की गिरफ्तारी

सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची सारनाथ थाना पुलिस ने पीड़िता को अपनी कस्टडी में लिया और महिला पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में उसकी काउंसलिंग की। बच्ची के बयानों के आधार पर पुलिस ने तुरंत पोक्सो (POCSO) कानून और अन्य गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया। पुलिस टीम ने जाल बिछाकर आरोपी लहरू यादव, ऑटो चालक रवि वर्मा और बच्ची की मां को गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में पीड़िता के परिजनों ने भी गवाही दी है कि मना करने के बावजूद महिला ने इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया था।

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