Ujjain elopement fake kidnapping caseUjjain elopement fake kidnapping case
Spread the love

Ujjain elopement fake kidnapping case:मध्य प्रदेश के उज्जैन के जीवाजीगंज थाना क्षेत्र से सामने आया अपहरण का मामला पूरी तरह झूठा साबित हुआ है। सोशल मीडिया पर एक सीसीटीवी फुटेज वायरल होने के बाद सनसनी फैल गई थी, जिसमें एक युवती को जबरन कार में खींचकर ले जाते हुए देखा गया था। हालांकि, बाद में खुद जोड़े ने सामने आकर इस पूरी घटना का सच बयां किया और बताया कि यह कोई अपहरण नहीं बल्कि उनकी मर्जी से की गई शादी थी।

चार साल से रिश्ते में थे प्रेमी-प्रेमिका

Ujjain elopement fake kidnapping case:वायरल वीडियो सामने आने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया था, क्योंकि फुटेज में बिना नंबर प्लेट की कार में कुछ लोग एक युवती को बैठाते नजर आ रहे थे। लोगों को लगा कि यह किसी गंभीर अपराध का मामला है। लेकिन, जोड़े द्वारा जारी किए गए वीडियो बयान से साफ हो गया कि वे पिछले चार साल से एक-दूसरे के संपर्क में थे और उन्होंने परिवार की मर्जी के खिलाफ जाकर अपनी इच्छा से यह कदम उठाया था।

युवती ने वीडियो में खुद साफ की बात

Ujjain elopement fake kidnapping case:युवती ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि वह किसी दबाव में नहीं, बल्कि अपनी मर्जी से प्रेमी के साथ गई थी। उसने वीडियो में कहा, “मैं अपनी मर्जी से अपने प्रेमी की कार में बैठी थी, जबकि मेरी बहन ने मेरा हाथ पकड़ा हुआ था।” पुलिस जांच और जोड़े के स्पष्टीकरण के बाद यह साफ हो गया कि शुरुआती आशंका महज एक गलतफहमी थी।

सोशल मीडिया और वायरल वीडियो का प्रभाव

Ujjain elopement fake kidnapping case:यह घटना इस बात का एक बड़ा उदाहरण है कि सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले फुटेज किस तरह तेजी से अफवाहें फैला सकते हैं और लोगों के मन में डर पैदा कर सकते हैं। बिना पूरी सच्चाई जाने किसी नतीजे पर पहुंचना खतरनाक हो सकता है। उज्जैन की इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि पुलिस और प्रशासन के लिए जमीनी हकीकत की जांच करना कितना जरूरी है।

read this:-सुपौल मंडल कारा का औचक निरीक्षण: सीजेएम और डीएलएसए सचिव ने जेल व्यवस्थाओं और मुफ्त विधिक सहायता का लिया जायजा