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रिपोर्टर: अजीत कुमार ठाकुर

Supaul : जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA), सुपौल के अध्यक्ष सह प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री राजेश कुमार बच्चन के दिशा-निर्देश पर मंगलवार को मंडल कारा, सुपौल का व्यापक निरीक्षण किया गया। यह निरीक्षण मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (CJM) श्री राम चंद्र प्रसाद और प्राधिकार के सचिव श्री अमित गौरव द्वारा संयुक्त रूप से संपन्न हुआ। इसका मुख्य उद्देश्य कैदियों के मानवाधिकारों की रक्षा और न्याय तक उनकी सुलभ पहुंच सुनिश्चित करना था।

बंदियों की विधिक सहायता और मुकदमों की समीक्षा

Supaul निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बैरकों में जाकर बंदियों से सीधे संवाद किया और उनके लंबित मामलों की वर्तमान स्थिति जानी। विशेषकर उन विचारधीन कैदियों से जानकारी एकत्र की गई, जो आर्थिक तंगी के कारण अपना वकील नियुक्त करने में असमर्थ हैं। डीएलएसए सचिव ने निर्देश दिया कि ऐसे सभी जरूरतमंद कैदियों को अविलंब नि:शुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाए, ताकि धन के अभाव में कोई भी न्याय से वंचित न रहे।

जेल रसोई और भोजन की गुणवत्ता का निरीक्षण

Supaul अधिकारियों की टीम ने जेल की रसोई (किचन) का बारीकी से मुआयना किया। इस दौरान कैदियों के लिए बनाए जा रहे भोजन की गुणवत्ता, पोषण स्तर और रसोई परिसर की साफ-सफाई का जायजा लिया गया। कारा प्रशासन को सख्त ताकीद की गई कि बंदियों को दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए और स्वच्छता के मानकों का कड़ाई से पालन हो।

स्वास्थ्य सुविधाओं और अस्पताल व्यवस्था का जायजा

Supaul कारागार परिसर स्थित अस्पताल के निरीक्षण के दौरान वहां दवाओं की उपलब्धता, डॉक्टरों की उपस्थिति और स्वच्छता व्यवस्था की जांच की गई। अधिकारियों ने स्वास्थ्य कर्मियों को निर्देश दिया कि बीमार बंदियों को समय पर उचित और सुचारू चिकित्सा सुविधा मुहैया कराई जाए। इसके साथ ही परिसर में पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाओं की समीक्षा करते हुए काराधिकारियों को बंदियों के कल्याण हेतु आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए।

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