
बिलासपुर: बिलासपुर सेंट्रल जेल में बंद एक 22 वर्षीय युवक कन्हैया सोनी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत होने से हड़कंप मच गया है। मस्तूरी निवासी कन्हैया को दो महीने पहले मारपीट के एक मामले में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। अब उसकी मौत को लेकर परिजनों ने जेल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं।
परिजनों का दावा: स्वस्थ था कन्हैया
कन्हैया के परिजनों का कहना है कि वे दो दिन पहले ही उससे जेल में मिलने गए थे और उस समय वह पूरी तरह से स्वस्थ था। सोमवार देर रात जेल प्रशासन ने उन्हें सूचना दी कि कन्हैया को सांस लेने में तकलीफ के चलते सिम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
लापरवाही का आरोप और न्याय की मांग
मृतक युवक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 115(2)(B) के तहत मारपीट का मामला दर्ज था। घटना के बाद कन्हैया का शव पोस्टमार्टम के लिए सिम्स अस्पताल भेज दिया गया है। परिजनों का आरोप है कि जेल प्रशासन ने समय पर कन्हैया का समुचित इलाज नहीं करवाया, जिसके कारण उसकी जान चली गई।
इस दुखद घटना से कन्हैया के परिवार में मातम पसरा हुआ है। उसकी मां गहरे सदमे में है। परिजनों ने इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है और कहा है कि यदि किसी की लापरवाही सामने आती है तो उस पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
पुलिस जांच शुरू, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
फिलहाल सिविल लाइन पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। कन्हैया की मौत के सही कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगा। यह घटना जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती है और परिजनों की न्याय की मांग को बल देती है।
