रिपोर्टर: अजीत कुमार ठाकुर
Supaul : बिहार के सुपौल जिले में पुलिस ने अपराध की एक बड़ी साजिश को नाकाम करते हुए एक अंतरजिला आपराधिक गिरोह के तीन शातिर सदस्यों को धर दबोचा है। ये बदमाश किसी बड़ी आपराधिक घटना को अंजाम देने की फिराक में थे। पुलिस ने इनकी निशानदेही और तलाशी के दौरान भारी मात्रा में अवैध हथियार, कारतूस और अन्य आपत्तिजनक सामान बरामद किया है। पुलिस की इस त्वरित और सतर्क कार्रवाई से इलाके में संभावित बड़ी वारदात टल गई है।
त्रिवेणीगंज में बड़ी वारदात की बना रहे थे योजना, पुलिस ने बिछाया जाल
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि अंतरजिला गिरोह के कुछ सक्रिय अपराधी सुपौल जिले में किसी गंभीर वारदात को अंजाम देने के लिए जुटे हुए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर त्रिवेणीगंज एसडीपीओ दिलीप कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। पिछले कई दिनों से तकनीकी सर्विलांस और अन्य माध्यमों से इन अपराधियों की गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जा रही थी। 22 अक्टूबर की रात जैसे ही पुलिस को इनके एकत्र होने की पुख्ता खबर मिली, टीम ने तुरंत घेराबंदी कर छापेमारी कर दी।
छापेमारी में 5 देसी कट्टा, 1 पिस्टल और 17 जिंदा कारतूस बरामद
पुलिस द्वारा की गई छापेमारी और तलाशी के दौरान तीनों संदिग्धों के पास से हथियारों का जखीरा हाथ लगा। पुलिस ने उनके कब्जे से 5 देसी कट्टा, 1 पिस्टल, 17 जिंदा कारतूस, एक मोटरसाइकिल के अलावा हथौड़े और प्लायर कटर जैसे औजार भी जब्त किए हैं। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पूर्णिया जिले के अजय यादव व फूलो ततमा तथा अररिया जिले के शशि ठाकुर के रूप में हुई है। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे सुपौल में किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की योजना बना रहे थे।
राजेश्वरी थाने में मामला दर्ज, स्थानीय सहयोगियों की तलाश जारी
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने इस संबंध में राजेश्वरी थाने में सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि इस अंतरजिला गिरोह को स्थानीय स्तर पर किन संदिग्ध लोगों का समर्थन और सहयोग मिल रहा था। ऐसे चेहरों को बेनकाब कर उनके खिलाफ भी कानूनी शिकंजा कसा जाएगा। फिलहाल तीनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है, जबकि गिरोह के अन्य फरार सदस्यों की धरपकड़ के लिए लगातार छापेमारी जारी है।

