रिपोर्टर: दीनानाथ माऔर
Aurangabad : बिहार के औरंगाबाद जिले को पर्यटन के नक्शे पर एक नई और बड़ी पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण तैयारी शुरू हो गई है। हाल ही में एक निजी मैरेज हॉल के उद्घाटन समारोह के दौरान औरंगाबाद के सांसद अभय कुशवाहा ने जिलेवासियों को एक बड़ी सौगात देने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की ऐतिहासिक और पौराणिक धरोहरों को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने के लिए उन्हें पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा।
देव, देवकुंड और उमंगा को मिलेगा पर्यटक स्थल का दर्जा
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद अभय कुशवाहा ने बताया कि वे हाल ही में पथ परिवहन और पर्यटन समिति के सदस्य बने हैं, ताकि औरंगाबाद की ऐतिहासिक धरोहरों के विकास का मार्ग प्रशस्त किया जा सके। उन्होंने कहा कि प्राचीन मान्यताओं के अनुसार देव, देवकुंड और उमंगा के ऐतिहासिक मंदिरों का निर्माण भगवान विश्वकर्मा ने एक ही रात में कराया था। इन सभी धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों को आधिकारिक तौर पर पर्यटक स्थल का दर्जा दिलाया जाएगा, जिससे क्षेत्र में विकास और पर्यटन को नया आयाम मिलेगा।
औरंगाबाद में बड़े ऊर्जा संयंत्र की स्थापना का कार्य जल्द
सांसद ने अपने पिछले कार्यकाल का जिक्र करते हुए कहा कि इससे पूर्व वे केंद्र में एनर्जी कमेटी के सदस्य थे। इस दौरान उनके प्रयासों से औरंगाबाद के बारुण में एक बड़ा बिजली (एनर्जी) उत्पादन प्लांट लाने का महत्वपूर्ण कार्य किया गया, जिस पर बहुत जल्द धरातल पर काम शुरू होने वाला है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और जिले का औद्योगिक विकास तेजी से आगे बढ़ेगा।
बैंक मिनिमम बैलेंस पेनल्टी और कर सुधार पर बड़ा दावा
अपनी प्राथमिकताओं को साझा करते हुए सांसद ने निवेदन याचिका समिति के सदस्य के रूप में किए गए कार्यों की भी जानकारी दी। उन्होंने दावा किया कि पहले सरकारी बैंकों के खातों में न्यूनतम शेष राशि (मिनिमम बैलेंस) से कम पैसे होने पर ग्राहकों से शुल्क वसूला जाता था, जिसे उनके प्रयासों से बंद करवाया गया है। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि जल्द ही इस नियम को गैर-सरकारी (प्राइवेट) बैंकों में भी सख्ती से लागू कराया जाएगा ताकि आम जनता को राहत मिल सके।
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