Shitala SaptamiShitala Saptami
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By: Ravindra Singh

Shitala Saptami : 03 सितंबर 2026 को शीतला सप्तमी के अवसर पर रवि योग और कृत्तिका नक्षत्र का विशेष संयोग बन रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ऐसे शुभ योग में किए गए कुछ उपाय जीवन में सकारात्मकता बढ़ाने, रिश्तों में मधुरता लाने और कार्यक्षेत्र में सफलता प्राप्त करने में सहायक माने जाते हैं।

शीतला सप्तमी के दिन घरों में अगले दिन के लिए भोजन तैयार करने की परंपरा भी है। इस दिन शीतला माता की आराधना के साथ शुभ योग और नक्षत्र से जुड़े कुछ विशेष उपाय किए जा सकते हैं। आइए आचार्य इंदु प्रकाश से जानते हैं कि रवि योग और कृत्तिका नक्षत्र के दौरान कौन से उपाय करना लाभकारी माना जाता है।

सफलता के लिए करें ये उपाय

Shitala Saptami अगर आप अपने जीवन में सफलता की ओर आगे बढ़ना चाहते हैं, तो कृत्तिका नक्षत्र से संबंधित माने जाने वाले गूलर के पेड़ के दर्शन करें और श्रद्धापूर्वक प्रणाम करें। ध्यान रखें कि पेड़ को किसी तरह की क्षति न पहुंचाएं और उसकी लकड़ी या किसी अन्य हिस्से का इस्तेमाल न करें।

सामाजिक कार्यों में सफलता के लिए

Shitala Saptami सामाजिक क्षेत्र में अपनी पहचान और सफलता बढ़ाने की इच्छा रखने वाले लोग घर की दक्षिण-पूर्व दिशा यानी आग्नेय कोण में घी का दीपक जला सकते हैं। इसके बाद अग्निदेव का स्मरण करते हुए अपने कार्यों में सफलता की प्रार्थना करें।

प्रेजेंटेशन में आत्मविश्वास के लिए

Shitala Saptami अगर आपको किसी महत्वपूर्ण बैठक या कार्यक्रम में प्रेजेंटेशन देना है, तो घर से निकलते समय अपने पर्स या जेब में लाल रंग का फूल रख सकते हैं। मान्यता है कि यह उपाय आत्मविश्वास के साथ अपनी बात रखने में सहायक हो सकता है।

पिता के साथ रिश्ते होंगे मधुर

Shitala Saptami पिता के साथ संबंधों में प्रेम और सम्मान बनाए रखने के लिए गूलर के पेड़ की जड़ में जल अर्पित करें। इसके बाद पेड़ के तने पर लाल रोली से तिलक लगाएं और पास में घी का दीपक जलाकर प्रार्थना करें।

शत्रुओं पर विजय के लिए उपाय

Shitala Saptami अगर किसी व्यक्ति से विवाद या विरोध के कारण परेशानी बनी हुई है, तो पीले रंग का एक छोटा कपड़ा लें। एक कटोरी पानी में थोड़ी हल्दी मिलाकर उस कपड़े पर संबंधित व्यक्ति का नाम लिखें। इसके बाद कपड़े को विष्णु मंदिर में ले जाकर भगवान के चरणों में अर्पित करने की परंपरा बताई गई है।

नकारात्मकता से बचने के लिए

Shitala Saptami जीवन में सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखने के लिए भगवान विष्णु की पूजा के समय पांच गोमती चक्र उनके सामने रखें। धूप-दीप से पूजा करने के बाद इन गोमती चक्रों को पीले कपड़े में बांधकर अपने पास सुरक्षित रख सकते हैं।

जिम्मेदारियों को बेहतर ढंग से निभाने के लिए

Shitala Saptami अगर आप अपनी जिम्मेदारियों को बिना अनावश्यक परेशानियों के पूरा करना चाहते हैं, तो भगवान विष्णु के मंत्र का 108 बार जाप करें।

मंत्र:
ॐ नमो भगवते नारायणाय।

मंत्र जाप पूरा करने के बाद भगवान विष्णु को पीले रंग के फूल अर्पित करें।

संतान की चिंता दूर करने के लिए

Shitala Saptami जिन माता-पिता को अपनी संतान की गतिविधियों और भविष्य को लेकर चिंता रहती है, वे एक नया पीला कपड़ा लें और उसे संतान के हाथों से स्पर्श करवाने के बाद विष्णु मंदिर में अर्पित कर सकते हैं। इसके साथ बृहस्पति देव के मंत्र का 11 बार जाप करें।

मंत्र:
ॐ ऐं क्लीं बृहस्पतये नमः।

धार्मिक मान्यताओं का ध्यान रखें

Shitala Saptami रवि योग और कृत्तिका नक्षत्र में बताए गए ये उपाय धार्मिक मान्यताओं पर आधारित हैं। इन्हें श्रद्धा और अपनी आस्था के अनुसार किया जा सकता है। किसी भी उपाय के दौरान पेड़-पौधों या धार्मिक स्थलों को नुकसान न पहुंचाएं और स्थानीय परंपराओं का सम्मान करें।

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