रिपोर्टर: सन्तोष रावत
Rewa : मध्य प्रदेश के रीवा जिले में प्रशासनिक कसावट के तहत एक बड़ी कार्रवाई सामने आई है। जन विश्वास अभियान के सिलसिले में गुढ़ जा रहे रीवा कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल महसांव का अचानक निरीक्षण किया। इस औचक निरीक्षण के दौरान स्कूल परिसर में अव्यवस्थाओं का अंबार मिला। शैक्षणिक सामग्री के वितरण में लापरवाही, जलभराव और गंदगी के साथ-साथ सबसे गंभीर मामला स्कूल के जिम्मेदार अधिकारी के आचरण से जुड़ा हुआ पाया गया।
नशे में मिले प्रभारी प्राचार्य, मेडिकल जांच के बाद निलंबन के निर्देश
Rewa कलेक्टर के निरीक्षण के दौरान स्कूल के प्रभारी प्राचार्य कथित तौर पर शराब के नशे में पाए गए, जिससे प्रशासनिक हलके में हड़कंप मच गया। शासकीय विद्यालय में पदस्थ जिम्मेदार अधिकारी की इस गैर-जिम्मेदाराना हरकत को बेहद गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने मौके पर ही उनकी मेडिकल जांच कराने के आदेश दिए। इसके साथ ही उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) को संबंधित प्रभारी प्राचार्य के खिलाफ तत्काल प्रभाव से निलंबन का प्रस्ताव तैयार कर भेजने के कड़े निर्देश जारी किए।
पुस्तकों और स्कॉलरशिप वितरण में लापरवाही पर शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस
Rewa निरीक्षण के दौरान यह बात भी सामने आई कि छात्रों को अब तक पुस्तकों का वितरण नहीं किया गया था और 9 विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति से जुड़ी ई-केवाईसी (e-KYC) प्रक्रिया काफी समय से लंबित पड़ी थी। इस घोर लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए कलेक्टर ने संबंधित शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। इसके अलावा, साल 2019 से स्कूल परिसर में अधूरे पड़े शौचालय निर्माण कार्य को लेकर भी संबंधित विभाग से विस्तृत प्रतिवेदन मांगा गया है।
ग्रामीणों से किया जनसंवाद, फोरलेन प्रभावितों को आवासीय पट्टे देने के आदेश
Rewa स्कूल का जायजा लेने के बाद कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने पतौता और पुरास गांव पहुंचकर स्थानीय निवासियों के साथ सीधा जनसंवाद किया। इस दौरान फोरलेन सड़क निर्माण से प्रभावित हुए परिवारों ने अपनी समस्याएं उनके समक्ष रखीं। कलेक्टर ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित परिवारों को आबादी भूमि में आवासीय पट्टे प्रदान करने की प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जन विश्वास अभियान के तहत शिक्षा, मूलभूत सुविधाओं और जनता की समस्याओं के समाधान में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

