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रिपोर्टर: योगेन्‍द्र सिंह

Raipur : छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में बीती रात मूसलाधार बारिश के चलते स्थितियां काफी विकराल हो गईं। उफान मारते नालों और नदियों के कारण कई इलाकों में पानी भर गया, जिससे सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। इस दौरान शहर में एक बड़ा हादसा होते-होते बचा, जब यात्रियों से भरी एक बस पानी के तेज बहाव में बहकर दुर्घटनाग्रस्त होने की कगार पर पहुंच गई। पुलिस और राहत टीमों की त्वरित कार्रवाई से सैकड़ों लोगों की जान बचाई जा सकी।

ड्राइवर साइड के गेट से सुरक्षित निकाले गए बस के 65 यात्री

Raipur रायपुर से बलौदाबाजार जा रही ‘जय अंबे ट्रैवल्स’ की यात्री बस कोल्हन नाले को पार करते समय पानी के भयंकर तेज बहाव की चपेट में आ गई। जलस्तर अचानक बढ़ने से बस असंतुलित होकर नाले के एक छोर की तरफ खिसक गई और उसका मुख्य दरवाजा किनारे लगे एक पेड़ से टकराकर बुरी तरह लॉक हो गया।

बस में सवार 65 यात्रियों में चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने बिना समय गंवाए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और ड्राइवर वाले गेट से एक-एक कर सभी 65 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। बाद में जब पानी का बहाव थोड़ा कम हुआ, तब क्रेन की मदद से बस को भी बाहर खींच लिया गया।

भाटागांव में बाढ़ के बीच फंसे 130 नागरिकों का हुआ रेस्क्यू

Raipur भारी बारिश के चलते भाटागांव इलाके में भी बाढ़ जैसी गंभीर स्थिति उत्पन्न हो गई, जहां कई बस्तियों में पानी भर जाने से लोग अपने घरों में फंस गए। राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की टीमों ने मौके पर पहुंचकर तुरंत नावों के जरिए बचाव अभियान शुरू किया। हालांकि, रेस्क्यू में थोड़ी देरी होने पर स्थानीय निवासियों ने बैरिकेड्स के पास पहुंचकर अपना विरोध जताया, लेकिन पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों की समझाइश के बाद स्थिति नियंत्रित हुई। एसडीआरएफ की टीम ने कड़ी मशक्कत करते हुए भाटागांव से करीब 130 लोगों को सुरक्षित निकालकर राहत शिविरों तक पहुंचाया।

जिले भर में जलभराव से हाहाकार, 25 सालों में पहली बार दिखा ऐसा मंजर

Raipur बीती रात हुई भीषण बारिश से केवल रायपुर शहर ही नहीं बल्कि पूरे जिले के कई ग्रामीण और शहरी इलाके जलमग्न हो गए। नदियां-नाले उफान पर आने से कई मुख्य मार्ग बंद हो गए और आवागमन ठप हो गया। स्थानीय बुजुर्गों और नागरिकों का कहना है कि उन्होंने पिछले 25 वर्षों में रायपुर में बारिश और बाढ़ का ऐसा भयावह मंजर नहीं देखा था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे जलभराव वाले क्षेत्रों, उफनते पुल-पुलियों या नालों को पार करने का जोखिम बिल्कुल न उठाएं और सुरक्षित स्थानों पर बने रहें।

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