रिपोर्टर: महेश कुमार
Orchha : प्रसिद्ध धार्मिक नगरी ओरछा में भाद्रपद शुक्ल द्वादशी के पावन अवसर पर आस्था और परंपरा का अनूठा नजारा देखने को मिला। शंख-घंटियों की मधुर ध्वनि और बैंड-बाजे की गूंज के बीच भगवान ‘श्री रामराजा सरकार’ बेतवा नदी के तट पर जलविहार के लिए पधारे। इसके साथ ही अनंत चतुर्दशी के उपलक्ष्य में बुंदेलखंड अंचल से आए श्रद्धालुओं ने बेतवा के पवित्र जल में भगवान श्री गणेश की प्रतिमाओं का विसर्जन किया। पूरे दिन धार्मिक जयकारों से ओरछा की पावन धरा गूंजती रही।
रात्रि में निकली पारंपरिक विमान यात्रा, बेतवा तट पर हुआ जलाभिषेक
Orchha श्री रामराजा मंदिर से रात्रि के समय पूर्ण राजकीय व धार्मिक परंपराओं के साथ भगवान के विमान निकाले गए। सशस्त्र बलों द्वारा दी गई औपचारिक सलामी के पश्चात् प्रभु श्री रामराजा सरकार की स्वरूप प्रतिमाओं को विमान में विराजमान कर बेतवा तट ले जाया गया। वहाँ वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान का बेतवा के पवित्र जल से जलाभिषेक कराया गया। तत्पश्चात प्रतिमाओं को पुनः मंदिर के गर्भगृह में स्थापित किया गया।
बेतवा तट पर उमड़ा जनसैलाब, ‘गणपति बप्पा मोरया’ से गूंजी धर्मनगरी
Orchha प्रातः काल से ही गणेश विसर्जन हेतु बेतवा नदी के घाटों पर अपार जनसमूह एकत्रित होने लगा था। झांकियों और डीजे की धुनों पर नाचते-गाते श्रद्धालु अपने आराध्य विघ्नहर्ता को विदाई देने पहुँचे। तट पर विसर्जन से पूर्व विभिन्न समितियों और परिवारों द्वारा विशेष महाआरती व हवन-पूजन का आयोजन किया गया। पूरा घाट क्षेत्र ‘गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ’ के नारों से गुंजायमान रहा।
नम आंखों से दी गई विदाई, सुरक्षा के रहे कड़े इंतजाम
Orchha पूजा-अर्चना के उपरांत श्रद्धालुओं ने भावुक होकर भगवान श्री गणेश को जल में प्रवाहित कर विदाई दी। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए प्रशासन द्वारा गोताखोरों और सुरक्षा बलों की तैनाती की गई थी, जिनकी निगरानी में विधि-विधान से प्रतिमाओं का विसर्जन संपन्न कराया गया। धार्मिक आयोजनों के चलते संपूर्ण ओरछा क्षेत्र में दिनभर आध्यात्मिक वातावरण बना रहा।

