Old Pension Scheme Old Pension Scheme
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Old Pension Scheme:इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के तीन रिटायर्ड संग्रह अमीनों के पक्ष में एक बड़ा और राहत भरा फैसला सुनाया है। अदालत ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि इन कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना (OPS) का लाभ दिया जाए। साथ ही, कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि पेंशन की पात्रता तय करते समय नियमित नियुक्ति से पहले की गई सेवा को भी शामिल किया जाएगा।

नियमितीकरण से पहले की मौसमी सेवा भी होगी मान्य

Old Pension Scheme:याचिकाकर्ताओं—राम सनेही और अन्य—की नियुक्ति बांदा जिले की विभिन्न तहसीलों (सदर, बाबेरू और अतर्रा) में मौसमी संग्रह अमीन (Seasonal Collection Amin) के रूप में हुई थी। लंबी सेवा के बाद इन्हें नियमित किया गया था:

  • पहले याचिकाकर्ता की सेवा 2005 में नियमित हुई थी, जो 2019 में सेवानिवृत्त (Retire) हुए।
  • अन्य दो याचिकाकर्ताओं की सेवाएं 2009 में नियमित हुईं, जो क्रमशः 2021 और 2022 में रिटायर हुए।

सेवानिवृत्ति के बाद जब उन्होंने पुरानी पेंशन की मांग की, तो विभाग ने 12 अप्रैल 2023 को यह कहते हुए उनका दावा खारिज कर दिया था कि उन्होंने न्यूनतम पात्र सेवा अवधि पूरी नहीं की है। इसके खिलाफ कर्मचारियों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।

कोर्ट का अहम फैसला और नियम

Old Pension Scheme:जस्टिस अनिश कुमार गुप्ता की बेंच ने प्रेम सिंह बनाम उत्तर प्रदेश राज्य (2019) और अन्य महत्वपूर्ण मामलों के पुराने फैसलों का हवाला देते हुए याचिकाकर्ताओं के पक्ष में फैसला सुनाया।

  • पेंशन की पात्रता: कोर्ट ने कहा कि अस्थायी, एडहॉक, वर्क-चार्ज या मौसमी (Seasonal) सेवाओं को पेंशन के लिए जरूरी न्यूनतम पात्र सेवा अवधि तय करने में पूरी तरह गिना जा सकता है।
  • पेंशन की राशि: कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि हालांकि पात्रता तय करने में शुरुआती मौसमी सेवा जोड़ी जाएगी, लेकिन पेंशन की वास्तविक राशि की गणना केवल नियमित सेवा अवधि के आधार पर ही होगी।
  • बकाये का भुगतान: अदालत ने उत्तर प्रदेश सरकार को आदेश दिया है कि आदेश की प्रति मिलने के आठ सप्ताह के भीतर सभी रिटायर्ड कर्मचारियों के बकाये की गणना कर उसका भुगतान किया जाए।

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