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रिपोर्टर: वेदान्‍त साहू

Stock Market : भारतीय शेयर बाजार में बुधवार (3 जून 2026) का दिन आईटी (IT) सेक्टर के निवेशकों के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं रहा। चौतरफा बिकवाली के दबाव में निफ्टी आईटी इंडेक्स एक ही कारोबारी सत्र में करीब 6% तक धराशायी हो गया। इस भारी गिरावट के कारण महज कुछ ही घंटों के भीतर निवेशकों की करीब ₹1.7 लाख करोड़ की संपत्ति स्वाहा हो गई।

साल 2026 की शुरुआत से ही आईटी सेक्टर संघर्ष कर रहा है और अब तक इस इंडेक्स में करीब 23% की गिरावट आ चुकी है, जिससे सेक्टर की कुल मार्केट वैल्यू को लगभग ₹6.6 लाख करोड़ का नुकसान हुआ है। बुधवार को इंडेक्स की सभी 10 कंपनियां घाटे (लाल निशान) के साथ बंद हुईं, जिनमें TCS, LTIMindtree और Persistent Systems के शेयर 9% तक टूट गए।

Stock Market आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस (AI) की आहट और पारंपरिक बिजनेस मॉडल पर खतरा

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, तेजी से पैर पसार रही आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक अब आईटी कंपनियों के पुराने बिजनेस मॉडल के लिए चुनौती बनने लगी है।

  • ऑटोमेशन का डर: निवेशकों के बीच यह आशंका गहरा रही है कि AI और ऑटोमेशन के आने से कंपनियों को भविष्य में कम कर्मचारियों की जरूरत पड़ेगी, जिससे पारंपरिक आईटी सर्विसेज की मांग घट सकती है।
  • विशेषज्ञों की राय: हालांकि जानकारों का मानना है कि AI पूरी तरह आईटी सेक्टर को खत्म नहीं करेगा; डेटा मैनेजमेंट, क्लाउड इंटीग्रेशन और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन के लिए कंपनियों को अभी भी तकनीकी पार्टनर्स की जरूरत होगी, लेकिन मौजूदा अनिश्चितता बाजार पर हावी है।

Stock Market अमेरिका और यूरोप के वैश्विक बाजारों से तकनीकी खर्च में कटौती

भारतीय आईटी उद्योग अपनी कमाई के लिए सबसे ज्यादा अमेरिकी और यूरोपीय देशों (जैसे ब्रिटेन) पर निर्भर रहता है।

ग्लोबल स्लोडाउन का असर: वैश्विक स्तर पर जारी आर्थिक सुस्ती के कारण इन विकसित देशों की बड़ी कंपनियों ने अपने टेक्नोलॉजी और आईटी बजट में भारी कटौती की है। इसके चलते भारतीय कंपनियों को मिलने वाले नए ऑर्डर्स और प्रोजेक्ट्स की रफ्तार बेहद धीमी हो गई है। साथ ही, कई कंपनियां नए तकनीकी प्रोजेक्ट्स को शुरू करने के बजाय अपने मौजूदा AI टूल्स पर खर्च करने को लेकर ज्यादा सतर्क रुख अपना रही हैं।

Stock Market पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें

वैश्विक मोर्चे पर जारी भू-राजनीतिक (Geopolitical) अनिश्चितताओं ने भी आग में घी डालने का काम किया है।

पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य और राजनीतिक तनाव की वजह से कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। वैश्विक बाजार के इस अस्थिर माहौल में निवेशक जोखिम वाले सेक्टरों (जैसे आईटी) से अपना पैसा निकाल रहे हैं। आईटी शेयरों में बड़े पैमाने पर हो रही इस मुनाफावसूली (Profit Booking) ने गिरावट को और ज्यादा गहरा कर दिया है। बाजार विश्लेषकों का कहना है कि आने वाले कुछ समय तक आईटी सेक्टर पर यह दबाव बना रह सकता है।

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