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रिपोर्टर: रतन कुमार

Jamtara : जामताड़ा में प्रसूता रीना देवी की मौत के मामले को लेकर राजनीति गर्मा गई है। बुधवार को बुधुडीह स्थित भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के जिला कार्यालय में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने राज्य सरकार और स्थानीय जिला प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। प्रशासन पर पक्षपातपूर्ण रवैये और मंत्री के इशारे पर काम करने का आरोप लगाते हुए भाजपा ने आगामी 31 जुलाई को जामताड़ा में एक विशाल विरोध प्रदर्शन और जिला मुख्यालय के घेराव की घोषणा की है।

Jamtara ‘मंत्री के दबाव में हो रही कार्रवाई, निर्दोषों को बनाया जा रहा निशाना’: सुनील सोरेन

प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए पूर्व सांसद सुनील सोरेन ने कहा कि प्रसूता की मौत के बाद न्याय की मांग कर रहे भाजपा कार्यकर्ताओं पर प्रशासनिक दबाव में झूठी प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है। उन्होंने सवाल उठाया कि घटना में लापरवाही बरतने वाले स्वास्थ्यकर्मियों और डॉक्टरों पर अब तक गाज क्यों नहीं गिरी?

वहीं, नाला विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी माधवचंद्र महतो ने कहा कि पुलिस मंत्री के इशारे पर काम कर रही है। यदि सीसीटीवी फुटेज में किसी कार्यकर्ता की संलिप्तता पाई जाती है तो बेशक कार्रवाई हो, लेकिन निष्पक्ष जांच के बिना निर्दोष लोगों को फंसाना तानाशाही है।

Jamtara दिग्गज नेताओं की मौजूदगी में 50 हजार कार्यकर्ता करेंगे घेराव

पूर्व मंत्री सत्यानंद झा ‘बाटुल’ ने कहा कि पीड़ित परिवार के साथ खड़ा होना और निष्पक्ष जांच की मांग करना विपक्ष का संवैधानिक अधिकार है, जिसे दबाया नहीं जा सकता। भाजपा नेताओं ने दावा किया कि 31 जुलाई को आयोजित होने वाले इस घेराव प्रदर्शन में संथाल परगना के विभिन्न हिस्सों से लगभग 50 हजार कार्यकर्ता जुटेंगे।

इस आंदोलन में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास, चंपई सोरेन और अर्जुन मुंडा समेत कई कद्दावर नेताओं के शामिल होने की संभावना है।

Jamtara जनसमस्याओं पर भी प्रशासन को चेतावनी

संवाददाता सम्मेलन के दौरान भाजपा नेताओं ने जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की लचर स्थिति, एंबुलेंस की अनुपलब्धता, सड़क दुर्घटनाओं और सर्पदंश से होने वाली मौतों के मुद्दे पर भी गहरा आक्रोश व्यक्त किया। नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने अपनी कार्यशैली में सुधार नहीं किया और निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित नहीं की, तो 31 जुलाई का यह आंदोलन राज्य सरकार के खिलाफ एक व्यापक जनआंदोलन में बदल जाएगा।

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