Naga PanchamiNaga Panchami
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Naga Panchami : नाग पंचमी सनातन परंपरा में नाग देवता और भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष महत्व रखने वाला पर्व है। सावन शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाए जाने वाले इस त्योहार पर नाग देवता की पूजा करने की परंपरा है। 2026 में नाग पंचमी का पर्व 17 अगस्त को मनाया जाएगा।

धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, नाग पंचमी के दिन कुछ विशेष पूजा-पाठ और दान करने से राहु-केतु से संबंधित परेशानियों को शांत करने की प्रार्थना की जाती है। खासतौर पर कालसर्प दोष से जुड़ी मान्यताओं के संदर्भ में इस दिन कुछ उपाय बताए गए हैं। आइए जानते हैं नाग पंचमी पर कौन-कौन से उपाय किए जा सकते हैं।

Naga Panchami क्या होता है कालसर्प दोष?

ज्योतिष शास्त्र की मान्यताओं के अनुसार, जब कुंडली के सभी प्रमुख ग्रह राहु और केतु के बीच स्थित होते हैं, तो इसे कालसर्प योग या कालसर्प दोष कहा जाता है। ज्योतिषीय विश्वास के मुताबिक इसके कारण व्यक्ति को जीवन में बार-बार बाधाओं, तनाव और आर्थिक उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ सकता है।

हालांकि, कालसर्प दोष और इसके प्रभावों की कोई वैज्ञानिक पुष्टि नहीं है। इसे ज्योतिषीय मान्यता के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

Naga Panchami नाग-नागिन के जोड़े की पूजा

नाग पंचमी पर चांदी या तांबे से बने नाग-नागिन के जोड़े की पूजा करने की परंपरा कुछ स्थानों पर प्रचलित है। मान्यता के अनुसार, इनका जल और कच्चे दूध से अभिषेक कर अपनी मनोकामना भगवान के समक्ष रखी जाती है। कुछ लोग पूजा के बाद इन्हें बहते जल में प्रवाहित करने की परंपरा भी निभाते हैं।

ध्यान रखें कि किसी भी धातु की वस्तु को नदी या प्राकृतिक जलस्रोत में प्रवाहित करने से पहले स्थानीय पर्यावरण नियमों का पालन करना चाहिए।

Naga Panchami शिवलिंग पर करें जलाभिषेक

नाग पंचमी पर भगवान शिव की पूजा को भी विशेष माना जाता है। तांबे के पात्र में जल लेकर उसमें थोड़ा कच्चा दूध, काले तिल और गंगाजल मिलाकर शिवलिंग पर अर्पित किया जा सकता है। अभिषेक के दौरान ‘ॐ नमः शिवाय’ का जाप करने की परंपरा है।

राहु-केतु से संबंधित परेशानियों से राहत की कामना के लिए भी इस दिन भगवान शिव की आराधना की जाती है।

Naga Panchami 8 मुखी रुद्राक्ष और मोर पंख

ज्योतिषीय मान्यताओं में 8 मुखी रुद्राक्ष को राहु से संबंधित माना जाता है। कालसर्प दोष से जुड़ी परेशानियों के लिए इसे धारण करने की सलाह कुछ ज्योतिषीय परंपराओं में दी जाती है।

इसी तरह घर के पूजा स्थल या मुख्य द्वार पर मोर पंख रखना भी शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं में मोर को नाग का शत्रु माना गया है और मोर पंख को नकारात्मक प्रभावों से सुरक्षा से जोड़ा जाता है।

Naga Panchami नाग स्तोत्र का करें पाठ

नाग पंचमी के दिन श्री नवनाग स्तोत्र का पाठ करना भी शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इसका 11 बार पाठ कर बाधाओं से मुक्ति और जीवन में सकारात्मकता की कामना की जा सकती है।

पूजा के बाद जरूरतमंद लोगों को काले उड़द, काले तिल, नीले वस्त्र और अपनी सामर्थ्य के अनुसार दक्षिणा दान करने की परंपरा भी बताई गई है।

Naga Panchami नाग पंचमी पर किन बातों का रखें ध्यान?

नाग पंचमी पर पूजा करते समय श्रद्धा और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें। जीवित सांपों को दूध पिलाने या उनके साथ किसी तरह का जोखिम लेने से बचें। पूजा के लिए प्रतिमा या चित्र का इस्तेमाल करना सुरक्षित विकल्प है। साथ ही नदी, तालाब या अन्य जलस्रोतों में ऐसी वस्तुएं न डालें, जिनसे पर्यावरण को नुकसान हो।

Naga Panchami जरूरी बात

ऊपर बताए गए उपाय धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित हैं। कालसर्प दोष या इन उपायों के प्रभाव का कोई वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है। इन्हें आस्था और परंपरा के नजरिए से ही समझना चाहिए।

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