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Report by: Yogendra Singh

Muzaffarnagar : उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में पुलिस की छवि को धूमिल करने वाली एक शर्मनाक घटना सामने आई है। जहाँ एक तरफ मुख्यमंत्री की सुरक्षा को लेकर पूरा प्रशासनिक अमला अलर्ट पर था, वहीं सुरक्षा घेरे में तैनात एक जिम्मेदार दरोगा शराब के नशे में बेसुध होकर सड़क किनारे गिरे मिले। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विभाग में हड़कंप मच गया और एसएसपी ने कड़ा फैसला लेते हुए आरोपी दरोगा को निलंबित कर दिया है।

Muzaffarnagar वीआईपी सुरक्षा को ठेंगा: ड्यूटी पॉइंट की जगह नशे के आगोश में मिले SI

मामला सोमवार का है, जब मुजफ्फरनगर के नुमाइश मैदान में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और रालोद प्रमुख जयंत चौधरी की बड़ी चुनावी जनसभा प्रस्तावित थी। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम की सुरक्षा व्यवस्था में फुगाना थाने के सब-इंस्पेक्टर (SI) चौबे सिंह की ड्यूटी लगाई गई थी। आश्चर्य की बात यह है कि थाने से रवानगी मिलने के बाद दरोगा जी अपने कर्तव्य स्थल पर पहुँचने के बजाय शराब के नशे में चूर हो गए। उन्हें तहसील परिसर के पास जमीन पर गिरे हुए बेहद आपत्तिजनक स्थिति में देखा गया।

Muzaffarnagar वीडियो वायरल होने से पुलिस महकमे की हुई किरकिरी

स्थानीय लोगों ने जब एक वर्दीधारी को सड़क पर बेसुध पड़ा देखा, तो उन्होंने इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दिया। वीडियो तेजी से प्रसारित हुआ, जिससे पुलिस प्रशासन की जमकर फजीहत हुई। आनन-फानन में स्थानीय पुलिस की टीम मौके पर पहुँची और दरोगा को उठाकर अस्पताल ले गई। मेडिकल जाँच में उनके रक्त में अत्यधिक मात्रा में अल्कोहल (शराब) के अंश पाए गए, जिससे अनुशासनहीनता की पुष्टि हो गई।

Muzaffarnagar एसएसपी का हंटर: चौबे सिंह तत्काल प्रभाव से सस्पेंड

मुजफ्फरनगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) संजय कुमार वर्मा ने खाकी की गरिमा को ठेस पहुँचाने वाले इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया। एसएसपी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दरोगा चौबे सिंह को सस्पेंड कर दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अनुशासन और कर्तव्य के प्रति लापरवाही बरतने वाले किसी भी कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा। सस्पेंशन के साथ ही विभागीय जाँच (Departmental Inquiry) के आदेश भी दे दिए गए हैं।

Muzaffarnagar पुलिस प्रशासन का पक्ष: विभागीय जाँच जारी

क्षेत्राधिकारी (CO) फुगाना, यतेंद्र नागर ने मीडिया को जानकारी दी कि उप-निरीक्षक को मुख्यमंत्री के वीआईपी कार्यक्रम के लिए तैनात किया गया था। ड्यूटी से गायब रहकर शराब का सेवन करना एक गंभीर कदाचार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वायरल वीडियो के साक्ष्यों और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर दरोगा के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की गई है। इस घटना ने एक बार फिर पुलिस बल के भीतर अनुशासन के स्तर पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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