Report by: Yogendra Singh
Uttar Pradesh : योगी सरकार ने महिला सशक्तीकरण और बालिकाओं के उत्थान की दिशा में एक और क्रांतिकारी कदम उठाया है। प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा ‘नारी शक्ति वंदन अभियान’ की घोषणा की गई है, जिसके तहत राज्य के परिषदीय और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (KGBV) को शक्ति के केंद्रों के रूप में विकसित किया जाएगा। यह विशेष अभियान 16 अप्रैल से 20 अप्रैल तक पूरे प्रदेश में उत्साहपूर्वक संचालित किया जाएगा।
अपर मुख्य सचिव (बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा) दीपक कुमार द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, इस पहल का मुख्य उद्देश्य बालिकाओं में आत्मविश्वास जगाना, उन्हें उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना और समाज में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना है।
Uttar Pradesh अभिभावक सम्मान और मानव श्रृंखला: अभियान का आगाज़
अभियान के पहले दिन, यानी 16 अप्रैल को ‘नारी शक्ति वंदन दिवस’ के रूप में मनाया जाएगा। इस दिन उन बालिकाओं के माता-पिता को विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा जिनकी उपस्थिति विद्यालय में 70 प्रतिशत से अधिक रही है। यह कदम शिक्षा के प्रति अभिभावकों की जवाबदेही और उत्साह बढ़ाने के लिए उठाया गया है। इसके अलावा, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में छात्राएं और शिक्षिकाएं मिलकर एक विशाल मानव श्रृंखला (Human Chain) बनाएंगी, जो नारी एकता और शक्ति का प्रतीक होगी। ब्लॉक स्तर पर भी महिला सशक्तीकरण को समर्पित विभिन्न कार्यक्रमों का खाका तैयार किया गया है।
Uttar Pradesh शारीरिक सौष्ठव और आत्मरक्षा का प्रशिक्षण
17 अप्रैल का दिन छात्राओं के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को समर्पित रहेगा। इस दिन स्कूलों में योगाभ्यास, खेलकूद और अनुशासन संबंधी गतिविधियों पर जोर दिया जाएगा। विशेष रूप से रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण के तहत बालिकाओं को जूडो-कराटे और अपनी सुरक्षा के गुर सिखाए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, एनसीसी और स्काउट-गाइड की छात्राओं द्वारा ड्रिल का प्रदर्शन किया जाएगा, जो उनके भीतर वीरता और अनुशासन की भावना को प्रबल करेगा। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से महान महिला विभूतियों के जीवन चरित्र को लघु नाटिकाओं और लोकगीतों के जरिए प्रस्तुत किया जाएगा।
Uttar Pradesh रचनात्मकता और वैचारिक विकास पर जोर
अभियान के अंतिम चरण में 20 अप्रैल को छात्राओं की बौद्धिक और सृजनात्मक क्षमता को निखारने के लिए प्रतियोगिताओं का आयोजन होगा। ‘सशक्त नारी, समृद्ध भारत’ जैसे विषयों पर निबंध लेखन, स्वरचित कविता पाठ, और पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। साथ ही, ‘विकसित भारत में नारी की भूमिका’ विषय पर वाद-विवाद (Debate) प्रतियोगिता का आयोजन होगा, जिससे छात्राओं में नेतृत्व क्षमता और अभिव्यक्ति कौशल का विकास हो सके। रंगोली और मेहंदी जैसी पारंपरिक कलाओं के माध्यम से भी उनकी रचनात्मकता को मंच प्रदान किया जाएगा।
Uttar Pradesh बुनियादी स्तर पर सशक्तीकरण की नई दिशा
यह अभियान केवल आयोजनों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उत्तर प्रदेश में जमीनी स्तर पर सामाजिक बदलाव लाने का एक प्रयास है। योगी सरकार का मानना है कि जब बेटियां बचपन से ही जागरूक और साहसी बनेंगी, तभी वे भविष्य के भारत की नींव को मजबूत कर सकेंगी। सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे इन कार्यक्रमों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। इस अभियान के माध्यम से उत्तर प्रदेश के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में एक ऐसा वातावरण तैयार करने की कोशिश है, जहाँ हर छात्रा खुद को सुरक्षित और समर्थ महसूस कर सके।
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