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By: Ravindra Singh

MP Weather : मध्य प्रदेश में मानसून की विदाई के बाद एक बार फिर मौसम का मिजाज बदलने जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, 15 से 18 अक्टूबर 2026 के बीच प्रदेश के कई हिस्सों में आंधी और बारिश होने की संभावना है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। शुरुआती दौर में ग्वालियर-चंबल संभाग के जिलों के साथ नीमच और मंदसौर में मौसम का प्रभाव देखने को मिल सकता है।

मौसम में इस बदलाव के पीछे उत्तरी भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती मौसम प्रणाली को प्रमुख वजह माना जा रहा है। अगले कुछ दिनों में बारिश का दायरा बढ़ने की संभावना है। ऐसे में लोगों को मौसम विभाग के पूर्वानुमान पर नजर रखने की सलाह दी जाती है।

ग्वालियर-चंबल संभाग में बारिश की संभावना, इन 7 जिलों पर नजर

MP Weather मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, गुरुवार, 15 अक्टूबर को मध्य प्रदेश के सात जिलों में बारिश होने की संभावना है। इनमें ग्वालियर, शिवपुरी, श्योपुर, मुरैना, भिंड, नीमच और मंदसौर शामिल हैं। इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं।

16 से 18 अक्टूबर के बीच प्रदेश के दूसरे हिस्सों में भी बारिश की गतिविधियां बढ़ने का अनुमान है। उज्जैन, सागर और रीवा संभाग के कुछ जिलों में भी मौसम बदल सकता है। हालांकि, अलग-अलग इलाकों में बारिश की स्थिति स्थानीय मौसम प्रणालियों पर निर्भर करेगी।

पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती सिस्टम से बदलेगा मौसम

MP Weather मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार, प्रदेश के उत्तरी हिस्से में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती सिस्टम के कारण वातावरण में बदलाव होने की संभावना है। इनके प्रभाव से 15 से 18 अक्टूबर के बीच कुछ क्षेत्रों में बादल छाने, तेज हवाएं चलने और बारिश होने की स्थिति बन सकती है।

गौरतलब है कि मध्य प्रदेश से 3 अक्टूबर को मानसून की विदाई हो चुकी थी। इसके बाद मौसम सामान्य रूप से साफ रहने लगा था। दिन में धूप और रात में हल्की ठंडक महसूस की जा रही थी। अब नई मौसम प्रणालियों की सक्रियता से कुछ जिलों में दोबारा बारिश के आसार बन रहे हैं।

दिन में धूप और रात में ठंडक, अब फिर बदलेगा मौसम

MP Weather मानसून के जाने के बाद प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में दिन के समय तेज धूप निकल रही है, जबकि रात में तापमान गिरने से मौसम अपेक्षाकृत सुहावना हो रहा है। अक्टूबर में गर्मी, बारिश और ठंडक का मिला-जुला असर देखने को मिलता है।

इस बार भी महीने की शुरुआत में मौसम साफ रहा और दिन में धूप का असर बना रहा। हालांकि, अब पश्चिमी विक्षोभ और अन्य मौसमी गतिविधियों के कारण कुछ इलाकों में बारिश की संभावना जताई गई है। तेज हवाओं और गरज-चमक के दौरान खुले स्थानों पर सावधानी बरतना जरूरी है।

मध्य प्रदेश में सामान्य से करीब 1.6 इंच कम बारिश

MP Weather इस साल मानसून के दौरान मध्य प्रदेश में कुल बारिश सामान्य से कम दर्ज की गई। जून से सितंबर के बीच प्रदेश में लगभग 908.4 मिलीमीटर यानी 35.8 इंच बारिश हुई। इसके मुकाबले सामान्य बारिश का आंकड़ा 949.5 मिलीमीटर यानी करीब 37.3 इंच है।

इस तरह प्रदेश में सामान्य से लगभग 41.1 मिलीमीटर यानी 1.6 इंच कम बारिश दर्ज की गई। कुल मिलाकर मानसूनी बारिश सामान्य से करीब 4 प्रतिशत कम रही। हालांकि, पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश में बारिश का वितरण अलग-अलग रहा।

आंकड़ों के मुताबिक, पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से लगभग 4 प्रतिशत अधिक बारिश हुई, जबकि पश्चिमी मध्य प्रदेश में सामान्य से करीब 12 प्रतिशत कम पानी बरसा। इससे पता चलता है कि प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में मानसूनी बारिश की स्थिति एक जैसी नहीं रही।

पश्चिमी मध्य प्रदेश के कई जिलों में बारिश की कमी

MP Weather पश्चिमी मध्य प्रदेश के कई जिलों में मानसून के दौरान सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई। इनमें आलीराजपुर, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा शामिल हैं। इन जिलों में बारिश की कमी अलग-अलग आंकड़ों के अनुसार 9 से 51 प्रतिशत तक रही।

वहीं, पूर्वी मध्य प्रदेश में कुल बारिश सामान्य से अधिक रही, लेकिन यहां भी कुछ जिले कम बारिश से प्रभावित हुए। बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर और सिवनी में सामान्य से 5 से 21 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज की गई।

अगले चार दिन मौसम पर रखें नजर

MP Weather मध्य प्रदेश में 15 से 18 अक्टूबर के बीच आंधी और बारिश की संभावना को देखते हुए लोगों को स्थानीय मौसम अपडेट पर ध्यान देना चाहिए। तेज हवाओं के दौरान कमजोर पेड़ों, बिजली के खंभों और अस्थायी संरचनाओं से दूरी बनाए रखना उचित होगा। गरज-चमक के समय खुले मैदानों में रुकने से बचें।

ध्यान दें: बारिश और तेज हवाओं का असर जिले और स्थान के अनुसार अलग हो सकता है। मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान और स्थानीय चेतावनियों को प्राथमिकता दें।

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