MP Education Department E-Attendance MandateMP Education Department E-Attendance Mandate
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रिपोर्टर: रविन्‍द्र सिंह

MP Education Department E-Attendance Mandate : मध्य प्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग ने अपनी कार्यप्रणाली को पूरी तरह हाई-टेक, पारदर्शी और अनुशासित बनाने की दिशा में एक युगांतरकारी कदम उठाया है। राज्य सरकार के नए फरमान के मुताबिक, अब सरकारी स्कूलों के शिक्षकों के साथ-साथ विभाग के तमाम आला अधिकारियों, क्लर्कों और अन्य कर्मचारियों को भी अपनी रोजाना की उपस्थिति डिजिटल माध्यम से दर्ज करानी होगी। लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) के आयुक्त अभिषेक सिंह ने इस संबंध में कड़े दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। 1 जुलाई 2026 से विभाग के सभी स्तरों पर ऑनलाइन हाजिरी की यह व्यवस्था अनिवार्य रूप से लागू कर दी जाएगी।

MP Education Department E-Attendance Mandate ‘हमारे शिक्षक’ ऐप पर दर्ज होगी हाजिरी, भेदभाव खत्म करने की कोशिश

अब तक मध्य प्रदेश में ई-अटेंडेंस (E-Attendance) की यह डिजिटल व्यवस्था मुख्य रूप से केवल मैदानी स्तर पर काम करने वाले शिक्षकों के लिए ही अनिवार्य थी। इसे लेकर कई बार प्रशासनिक स्तर पर असंतोष भी देखा जाता था। लेकिन नए आदेश के बाद अब अफसरों और कर्मचारियों के बीच का यह अंतर पूरी तरह समाप्त हो जाएगा। विभाग के सभी अधिकारी और कर्मचारी अब ‘हमारे शिक्षक’ मोबाइल एप्लिकेशन के जरिए अपनी दैनिक उपस्थिति के साथ-साथ अपने अवकाश (Leave) की जानकारी भी रियल-टाइम में ऑनलाइन दर्ज करेंगे।

MP Education Department E-Attendance Mandate संचालनालय से लेकर जिला दफ्तरों तक लागू होगा नियम, नपेगें लापरवाह अफसर

डीपीआई (DPI) द्वारा जारी गाइडलाइंस के अनुसार, यह नई डिजिटल निगरानी व्यवस्था स्कूल शिक्षा विभाग के दायरे में आने वाले सभी छोटे-बड़े कार्यालयों में एक समान रूप से प्रभावी होगी। इसके अंतर्गत:

  • लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) मुख्यालय और राज्य शिक्षा केंद्र।
  • सभी जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) कार्यालय एवं जिला शिक्षा केंद्र।
  • प्रदेशभर में संचालित विभिन्न शासकीय शिक्षक प्रशिक्षण संस्थान (DIETs)।

इस व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए सभी कार्यालय प्रमुखों (Heads of Departments) को व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार बनाया गया है। यदि उनके दफ्तर में कोई भी कर्मचारी या अधिकारी बिना वैध कारण के ई-अटेंडेंस से बचता पाया गया, तो सीधे विभाग प्रमुख पर प्रशासनिक गाज गिरेगी।

MP Education Department E-Attendance Mandate शिक्षक संगठनों ने किया फैसले का पुरजोर स्वागत, कहा— ‘अब तय होगी सबकी जवाबदेही’

शासकीय शिक्षक संगठन सहित मध्य प्रदेश के विभिन्न शिक्षक संघों ने सरकार के इस एकीकृत फैसले का दिल खोलकर स्वागत किया है। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष उपेंद्र कौशल ने बयान जारी कर कहा कि “हम लंबे समय से मांग कर रहे थे कि हाजिरी के नियम केवल शिक्षकों पर ही नहीं, बल्कि दफ्तरों में बैठने वाले बाबूओं और बड़े अधिकारियों पर भी समान रूप से लागू होने चाहिए।” शिक्षक नेताओं का मानना है कि इस ऐतिहासिक बदलाव से विभाग के भीतर एक ‘समान कार्य संस्कृति’ (Equal Work Culture) का विकास होगा और कागजी हाजिरी के खेल पर पूरी तरह से रोक लग सकेगी।

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