रिपोर्टर: सूर्यांश प्रताप सिंह
MP Chhindwara Pregnant Woman River Cot : मध्य प्रदेश के स्वास्थ्य दावों की पोल खोलती एक बेहद दर्दनाक तस्वीर छिंदवाड़ा जिले से सामने आई है। यहाँ बुनियादी सुविधाओं (सड़क और पुल) के अभाव में ग्रामीणों को एक गर्भवती महिला को खाट (चारपाई) पर लिटाकर उफनती नदी पार करानी पड़ी। अस्पताल पहुँचने की इस जद्दोजहद के बीच महिला ने रास्ते में ही बच्चे को जन्म दे दिया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद सूबे की स्वास्थ्य और परिवहन व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
MP Chhindwara Pregnant Woman River Cot एम्बुलेंस के इंतजार में बिगड़ी हालत, ग्रामीणों ने संभाला मोर्चा
यह झकझोर देने वाला मामला छिंदवाड़ा के अमरवाड़ा ब्लॉक का है। यहाँ रहने वाली सविता विश्वकर्मा नाम की महिला को प्रसव पीड़ा (लेबर पेन) शुरू होने पर आशा कार्यकर्ता ने ‘108 एम्बुलेंस’ सेवा को कॉल किया था। लेकिन इलाके में मोबाइल नेटवर्क की खराब कनेक्टिविटी और रास्ते में नदी होने के कारण एम्बुलेंस समय पर गाँव नहीं पहुँच सकी। महिला की बिगड़ती हालत को देख गाँव वाले उसे खाट पर लिटाकर उफनती नदी पार कराने को मजबूर हो गए।
MP Chhindwara Pregnant Woman River Cot अस्पताल पहुँचने से पहले ही रास्ते में गूंजी किलकारी
नदी पार कराकर जब तक महिला को मुख्य सड़क तक लाया जाता, तब तक उसका दर्द असहनीय हो चुका था। किसी भी स्वास्थ्य केंद्र पहुँचने से पहले ही महिला ने रास्ते में बच्चे को जन्म दे दिया। इसके बाद ग्रामीण नवजात शिशु और माँ को मोटरसाइकिल पर बैठाकर जैसे-तैसे नजदीकी अस्पताल ले गए। ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉ. के. ठाकुर के मुताबिक, जच्चा और बच्चा दोनों को सुरक्षित अस्पताल पहुँचा दिया गया था और फिलहाल दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं।
MP Chhindwara Pregnant Woman River Cot वर्षों से पुल की मांग कर रहे हैं ग्रामीण, बारिश में कट जाता है संपर्क
इस सुदूर इलाके में करीब 20 परिवार रहते हैं, जिन्हें मुख्य सड़क और बाजार तक पहुँचने के लिए हर बार इस नदी को पार करना पड़ता है। ग्रामीणों का आरोप है कि वे पिछले कई सालों से यहाँ एक अदद पुल बनाने की गुहार लगा रहे हैं, लेकिन प्रशासन की कानों पर जूं नहीं रेंग रही। बारिश के मौसम और किसी भी मेडिकल इमरजेंसी के वक्त इस गाँव का संपर्क पूरी तरह टूट जाता है, जिससे लोगों की जान पर बन आती है।
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