रिपोर्टर: योगेन्द्र सिंह
Kanker : छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में वर्ष 2019 में हुई एक ग्रामीण की निर्मम हत्या के मामले में न्याय की जीत हुई है। विशेष अपर सत्र न्यायालय, भानुप्रतापपुर ने 17 सितंबर को सुनवाई करते हुए आरोपी नक्सली को दोषी करार दिया और आजीवन कारावास की सजा सुनाई। आरोपी पर हत्या, अपहरण, बलवा, आर्म्स एक्ट तथा प्रतिबंधित माओवादी संगठन से जुड़े होने के गंभीर आरोपों में मुकदमा दर्ज किया गया था।
वर्ष 2019 में जंगल में हुई थी ग्रामीण की हत्या
Kanker यह मामला कोयलीबेड़ा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम जुगड़ा के जंगलों का है, जहां 26 अगस्त 2019 को नक्सलियों ने ग्रामीण श्यामनाथ आंचला की गोली मारकर हत्या कर दी थी। घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए थाना कोयलीबेड़ा में अपराध दर्ज किया। इसमें भारतीय दंड संहिता की धारा 302, 364, 147, 148, 149, आर्म्स एक्ट और यूएपीए (UAPA) की धारा 38(2), 39(2) के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर जांच शुरू की गई थी।
पुख्ता सबूतों और गवाहों के आधार पर सिद्ध हुआ दोष
Kanker विवेचना के दौरान पुलिस ने प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, परिस्थितिजन्य साक्ष्य और महत्वपूर्ण दस्तावेजी सबूत जुटाए। अभियोजन पक्ष द्वारा न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए गए मौखिक और भौतिक साक्ष्यों का अदालत ने गहनता से मूल्यांकन किया। प्रस्तुत सबूतों के आधार पर आरोपी के खिलाफ लगे आरोप निसंदेह साबित हुए, जिसके बाद न्यायालय ने आरोपी पीलूराम आंचला उर्फ सालिकराम (35 वर्ष), निवासी कागबरस, कांकेर को आजीवन कारावास का दंड सुनाया।
पुलिस अधिकारियों की मुस्तैदी से मिली सफलता
Kanker इस पुराने और जटिल नक्सली अपराध की तफ्तीश व अभियोजन को अंजाम तक पहुंचाने में पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। अंतागढ़ के एसडीओपी पुपलेश कुमार, एसडीओपी अमर सिदार, सहायक कमांडेंट प्रदीप कुमार, निरीक्षक उमेश कुमार पाटिल, उपनिरीक्षक मोहित पारीक एवं प्रधान आरक्षक अमित सहित अन्य जवानों के प्रयासों से यह सजा संभव हो सकी। पुलिस की इस प्रभावी पैरवी से क्षेत्र में कानून-व्यवस्था के प्रति आम जनता का विश्वास और सुदृढ़ हुआ है।

