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रिपोर्टर: रतन कुमार

Jamtara : केंद्र सरकार द्वारा लाए गए खान और खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन अधिनियम, 2026 (MMDR Act) के खिलाफ झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने कड़ा रुख अपनाया है। पार्टी के जिलाध्यक्ष नरेंद्र मुर्मू की अगुवाई में दर्जनों कार्यकर्ताओं ने दुमका रोड स्थित कार्यालय से एक विशाल विरोध जुलूस निकाला। यह जुलूस शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए प्रखंड सह अंचल कार्यालय पहुंचा, जहां कार्यकर्ताओं ने जोरदार नारेबाजी करते हुए एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया।

खनिज संसाधनों पर राज्य के अधिकारों के हनन का आरोप

Jamtara धरना स्थल पर कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए JMM जिलाध्यक्ष नरेंद्र मुर्मू ने कहा कि यह संशोधन झारखंड के प्राकृतिक संसाधनों और राज्य सरकार के संवैधानिक अधिकारों पर सीधा हमला है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि केंद्र सरकार ने इस कानून को अविलंब वापस नहीं लिया, तो पार्टी इसे लेकर बड़ा जनांदोलन खड़ा करेगी। वहीं सांसद प्रतिनिधि अशोक मंडल ने कहा कि नए प्रावधानों से राज्य के राजस्व हितों को भारी नुकसान पहुंचेगा।

केंद्र सरकार का पक्ष और नए संशोधन के प्रमुख प्रावधान

Jamtara दूसरी ओर, केंद्र सरकार का तर्क है कि इस संशोधन का उद्देश्य देश भर के खनन क्षेत्र में एक समान और पारदर्शी वित्तीय व्यवस्था लागू करना है। नए कानून के तहत खनिज समृद्ध भूमि और खनिज अधिकारों पर राज्य सरकारों द्वारा लगाए जाने वाले विभिन्न करों, सेस और लेवी को केंद्रीय नियमों के अधीन लाने का प्रावधान किया गया है, जिससे खनन गतिविधियों का सुचारू विनियमन किया जा सके।

राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन, उग्र आंदोलन की चेतावनी

Jamtara प्रदर्शन के समापन पर JMM के एक प्रतिनिधिमंडल ने अंचलाधिकारी सह प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) को देश के राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा। पार्टी नेताओं ने स्पष्ट किया कि यदि जनहित और राज्य के अधिकारों की अनदेखी की गई, तो इस लड़ाई को गांव-गांव तक ले जाया जाएगा। इस मौके पर रविंद्र नाथ दुबे, प्रो. कैलाश प्रसाद साव, चमेली देवी और आनंद टुडू सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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