रिपोर्टर: रतन कुमार
Jamtara : साइबर अपराधियों के गढ़ माने जाने वाले जामताड़ा में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। फर्जी मोबाइल ऐप (APK फाइल) के जरिए लोगों के बैंक खातों में सेंध लगाने वाले एक गिरोह के चार शातिर सदस्यों को पुलिस ने धर दबोचा। पुलिस ने आरोपियों के पास से ₹2.20 लाख नकद, 13 स्मार्टफोन, 13 सिम कार्ड, 8 एटीएम कार्ड और एक चेकबुक बरामद की है।
गुप्त सूचना पर पुलिस की दो स्थानों पर छापेमारी
Jamtara जामताड़ा एसपी शंभू कुमार सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि पुलिस को क्षेत्र में साइबर अपराधियों के सक्रिय होने की गुप्त सूचना मिली थी। इसके बाद साइबर डीएसपी अमित कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए करमाटांड़ थाना क्षेत्र के दुधानी गांव और जामताड़ा थाना क्षेत्र के सोनाबाद गांव में दबिश देकर चार आरोपियों—विकास मंडल, देव दत्त, जयदेव साहनी और सिद्धार्थ दत्त—को गिरफ्तार कर लिया।
बिल अपडेट के नाम पर भेजते थे फर्जी APK फाइल
Jamtara जांच में सामने आया कि यह गिरोह हरियाणा सिटी गैस और अडानी गैस जैसी कंपनियों के उपभोक्ताओं को अपना निशाना बनाता था। आरोपी उपभोक्ताओं को गैस बिल अपडेट कराने या कनेक्शन काटने का झांसा देकर उनके मोबाइल पर एक खतरनाक फर्जी APK फाइल भेजते थे। जैसे ही पीड़ित इस ऐप को इंस्टॉल करते थे, आरोपियों को उनके फोन का पूरा एक्सेस और गोपनीय डेटा मिल जाता था, जिसके बाद वे खातों से पैसे उड़ा लेते थे।
अंतरराज्यीय नेटवर्क का खुलासा, पुलिस ने दर्ज की FIR
Jamtara पुलिस के अनुसार, इस साइबर गिरोह का जाल केवल झारखंड तक सीमित नहीं था, बल्कि देश के कई अन्य राज्यों में भी फैला हुआ था। आरोपियों के खिलाफ जामताड़ा साइबर थाने में संबंधित कानूनी धाराओं (BNS 2023, आईटी एक्ट एवं टेलीकम्युनिकेशन एक्ट) के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। इसके साथ ही पुलिस प्रशासन ने आम जनता को किसी भी अनजान लिंक या संदिग्ध APK फाइल को डाउनलोड न करने की सख्त सलाह दी है।
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