Iran-US agreement’s Buzz : ईरान और अमेरिका के बीच लंबे समय से जारी भू-राजनीतिक तनाव के बीच एक संभावित समझौते को लेकर कूटनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। ईरानी सरकारी टेलीविजन की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि दोनों देशों के बीच एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर बातचीत चल रही है। इस कथित प्रस्ताव के तहत अमेरिका ईरान के आसपास से अपने सैन्य बलों को हटा सकता है और ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी समाप्त कर सकता है। इसके बदले में ईरान रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ (Strait of Hormuz) को युद्ध से पहले वाली सामान्य स्थिति में लाने और उसे पूरी तरह खोलने पर सहमत हो सकता है।
Iran-US agreement’s Buzz वैश्विक चिंता का केंद्र बना होर्मुज जलडमरूमध्य और तेल बाज़ार
होर्मुज जलडमरूमध्य को दुनिया की सबसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण समुद्री जीवन रेखा माना जाता है, जहाँ से वैश्विक कच्चे तेल और ऊर्जा संसाधनों का एक बहुत बड़ा हिस्सा गुजरता है। इस मार्ग पर जरा सा भी तनाव अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में आग लगा सकता है। यही वजह है कि ईरान और अमेरिका के बीच चल रही इस पर्दे के पीछे की बातचीत पर पूरी दुनिया की निगाहें टिकी हुई हैं, क्योंकि इसका सीधा असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ता है।
Iran-US agreement’s Buzz व्हाइट हाउस ने दावों को नकारा, ट्रंप की कैबिनेट बैठक पर टिकी नजरें
ईरानी मीडिया के इन दावों के सामने आते ही व्हाइट हाउस ने तुरंत मोर्चा संभाला और इन खबरों को पूरी तरह निराधार और मनगढ़ंत करार दिया। अमेरिकी प्रशासन के ‘रैपिड रिस्पॉन्स अकाउंट’ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर इन दावों का खंडन किया। हालांकि, व्हाइट हाउस की प्रवक्ता ओलिविया वेल्स ने यह जरूर स्वीकार किया कि दोनों देशों के बीच बातचीत आगे बढ़ रही है। उन्होंने साफ किया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप केवल उसी समझौते पर मुहर लगाएंगे जो अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा और उसके नागरिकों के हित में हो। इसी सिलसिले में राष्ट्रपति ट्रंप आज एक अहम कैबिनेट बैठक भी करने वाले हैं, जिसमें समुद्री सुरक्षा और ईरान नीति पर गहन मंथन होने की उम्मीद है।
Iran-US agreement’s Buzz नाकाबंदी हटाने की शर्तें और ईरान में फिर लगा डिजिटल सेंसरशिप
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, वाशिंगटन ईरान पर से नौसैनिक नाकाबंदी हटाने के लिए तैयार हो सकता है, लेकिन इसके लिए तेहरान को यह गारंटी देनी होगी कि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले वाणिज्यिक जहाजों को कोई खतरा नहीं होगा। इस कूटनीतिक रस्साकशी के बीच, ईरान के भीतर से एक और चिंताजनक खबर आई है। एक वैश्विक इंटरनेट निगरानी संस्था के मुताबिक, लगभग 90 दिनों के सख्त इंटरनेट ब्लैकआउट के बाद ईरान सरकार ने डिजिटल पाबंदियों को फिर से कड़ा कर दिया है। वहां मैसेजिंग ऐप्स और ऐप स्टोर्स पर दोबारा सीमाएं लगा दी गई हैं, जिससे स्थानीय नागरिकों में नाराजगी है।

