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रिपोर्टर: प्रीतम कुमार

Sambhal : उत्तर प्रदेश के संभल जिले में प्रशासन ने सरकारी संपत्तियों और भू-माफियाओं के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। जिले के मढ़न गांव में भारी सुरक्षा बल की मौजूदगी में करीब 10.5 बीघा से अधिक सरकारी और कब्रिस्तान की बेशकीमती जमीन को पूरी तरह कब्जामुक्त करा लिया गया। प्रशासन ने इस जमीन पर अवैध रूप से निर्मित ईदगाह, एक मस्जिद, 30-30 फीट ऊंची दो गगनचुंबी मीनारों और दो पक्के मकानों को बुलडोजर चलाकर जमींदोज कर दिया।

Sambhal 5 करोड़ की जमीन पर चल रहा था अवैध प्लॉटिंग का खेल

प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक, इस जमीन का बाजार मूल्य लगभग 5 करोड़ रुपये से अधिक आंका गया है। सरकारी और कब्रिस्तान के स्वामित्व वाली इस भूमि पर पिछले कई वर्षों से कुछ भू-माफियाओं और स्थानीय लोगों द्वारा अवैध कब्जा किया गया था।

हैरानी की बात यह है कि पिछले 3 से 4 सालों के भीतर इस प्रतिबंधित सरकारी जमीन पर गुपचुप तरीके से अवैध प्लॉटिंग भी की जा रही थी। भू-माफिया इस पूरी जमीन को व्यावसायिक रूप में इस्तेमाल कर मोटी कमाई करने की फिराक में थे।

Sambhal कोर्ट के आदेश के बाद 6 घंटे तक गरजा पीला पंजा

यह पूरा मामला पूर्व में अदालत की चौखट पर पहुंचा था, जिसके बाद इसी साल अप्रैल महीने में कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए सभी अवैध निर्माणों को तुरंत हटाने के निर्देश जारी किए थे।

  • न्यायालय के इसी आदेश का पालन करने के लिए प्रशासनिक अमला मढ़न गांव पहुंचा।
  • कार्रवाई से पहले 2 नायब तहसीलदारों और 8 लेखपालों की एक विशेष राजस्व टीम ने जमीन की वैज्ञानिक पैमाइश और सीमांकन (Demarcation) किया।
  • इसके बाद शुरू हुआ ध्वस्तीकरण का अभियान लगातार 6 घंटे तक बिना रुके चला।

Sambhal सुरक्षा के कड़े चक्रव्यूह में RAF और पुलिस बल तैनात

कानून-व्यवस्था को लेकर प्रशासन मुस्तैद: संवेदनशील मामला होने के कारण मौके पर सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए गए थे। संभल के जिलाधिकारी (DM), पुलिस अधीक्षक (SP) और तहसीलदार खुद फील्ड पर रहकर मोर्चा संभाले हुए थे। किसी भी प्रकार के बवाल या अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के 100 से अधिक जवानों के साथ भारी मात्रा में पुलिस बल तैनात किया गया था, जिसके चलते पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गई।

प्रशासन ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि सरकारी, सार्वजनिक या ग्राम समाज की जमीनों पर किसी भी तरह का धार्मिक या निजी अवैध निर्माण बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और आने वाले दिनों में भी यह अभियान इसी आक्रामकता के साथ जारी रहेगा।

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