Ajit Doval : भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने वैश्विक मंच पर आतंकवाद के खिलाफ अब तक का सबसे सख्त संदेश दिया है। मॉस्को में आयोजित सुरक्षा मामलों के उच्च प्रतिनिधियों की 14वीं अंतरराष्ट्रीय बैठक में डोभाल ने दोटूक कहा कि आतंकवाद जैसी वैश्विक समस्या से निपटने के लिए दुनिया को अपने दोहरे मापदंड (Double Standards) छोड़ने होंगे। उन्होंने साफ किया कि अब समय आ गया है जब जिम्मेदार देशों को यह तय करना होगा कि वे आतंक को पालने-पोसने वालों के साथ हैं या उसे जड़ से मिटाने वालों के साथ।
Ajit Doval रूसी मॉडल का जिक्र: ‘नो कॉम्प्रोमाइज’ की नीति पर बढ़ेगा भारत
अपने संबोधन में अजीत डोभाल ने रूस की आतंकवाद-विरोधी आक्रामक रणनीति की खुलकर तारीफ की। उन्होंने चेचन्या के अलगाववाद से लेकर इस्लामिक स्टेट (IS) के खिलाफ रूस के ‘सर्च एंड डिस्ट्रॉय’ (खोजो और खत्म करो) अभियानों का उदाहरण दिया। डोभाल ने कहा कि जिस तरह रूस ने 2002 के मॉस्को थिएटर संकट और 2004 के बेस्लान स्कूल हमले में आतंकियों के आगे झुकने से इनकार कर दिया था, ठीक उसी तरह भारत भी अब ‘जीरो टॉलरेंस’ (शून्य सहनशीलता) की नीति पर चल रहा है। भारत अपने दुश्मनों को खत्म करने के लिए किसी भी हद तक समझौता नहीं करेगा।
Ajit Doval पहलगाम हमले का दर्द: सीमा पार आतंक पर डोभाल की दोटूक
NSA डोभाल ने रूस की सुरक्षा परिषद के सचिव सर्गेई शोइगु के सामने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए पिछले वर्ष के आतंकी हमले का विशेष रूप से उल्लेख किया, जिसमें 26 बेकसूर नागरिकों ने अपनी जान गंवाई थी। उन्होंने वैश्विक समुदाय को याद दिलाया कि भारत लंबे समय से सीमा पार से प्रायोजित आतंकवाद का दंश झेल रहा है। भारत ने पहले भी सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक जैसे कड़े कदम उठाकर अपनी मंशा साफ कर दी है, और भविष्य में भी देश के भीतर या बाहर सक्रिय किसी भी आतंकी नेटवर्क को बख्शा नहीं जाएगा।
Ajit Doval वैश्विक सहयोग की अपील: राजनीतिक चश्मे से न देखें आतंक
डोभाल ने इस बात पर जोर दिया कि आतंकवाद किसी एक देश की नहीं, बल्कि पूरी मानवता की समस्या है। उन्होंने कहा कि जब तक दुनिया के देश अपने राजनीतिक नफे-नुकसान को देखकर आतंकवाद की परिभाषा तय करेंगे, तब तक इसे खत्म करना मुमकिन नहीं होगा। उन्होंने रूस के सख्त आतंकवाद-विरोधी कानूनों (2006) का हवाला देते हुए कहा कि आतंकियों के साथ-साथ उनके मददगारों, फाइनेंसर्स और उन्हें स्थानीय संरक्षण देने वालों पर भी नकेल कसना बेहद जरूरी है।
ये भी पढ़े: Horoscope: 29 May 2026, शुक्रवार को इन राशियों पर बरसेगी मां लक्ष्मी की कृपा, घर में आएगी सुख-समृद्धि

