Ghaziabad Fake Gold Loan ScamGhaziabad Fake Gold Loan Scam
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Ghaziabad Fake Gold Loan Scam:उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले से वित्तीय धोखाधड़ी का एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक बैंक शाखा में फर्जीवाड़े की हदें पार करते हुए नकली सोने के आभूषणों को असली बताकर करोड़ों रुपये का लोन हड़प लिया गया। इस बड़े घोटाले का खुलासा होने के बाद से पुलिस और प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। आइए जानते हैं

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के आरडीसी क्षेत्र में स्थित फेडरल बैंक की शाखा में एक बहुत बड़ा आर्थिक फर्जीवाड़ा उजागर हुआ है। यहां शातिर बदमाशों और बैंक से जुड़े कुछ लोगों की मिलीभगत से नकली सोने के गहनों को गिरवी रखकर लगभग 1.46 करोड़ रुपये का भारी-भरकम लोन ले लिया गया। बैंक की आंतरिक जांच में जब यह सच सामने आया, तो बैंक प्रबंधन के होश उड़ गए और तुरंत इसकी आधिकारिक शिकायत स्थानीय पुलिस थाने में दर्ज कराई गई।

20 फर्जी खातों के जरिए बैंक को लगाया गया चूना

Ghaziabad Fake Gold Loan Scam:शिकायत के अनुसार, इस पूरे घोटाले को अंजाम देने के लिए कुल 20 अलग-अलग लोन खातों का इस्तेमाल किया गया। इनमें से 17 खाते ऐसे थे, जिन्हें एक फिनटेक कंपनी के प्रतिनिधियों के माध्यम से प्रक्रिया में लाया गया था। खास बात यह है कि इन सभी खातों में जमा किए गए सोने के आभूषणों का मूल्यांकन एक ही अधिकृत एजेंसी द्वारा किया गया था। बैंक के वरिष्ठ प्रबंधक व शाखा प्रभारी शशिकांत वाणी ने कविनगर थाने में 18 नामजद आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और साजिश का मामला दर्ज कराया है।

रेंडम चेकिंग के दौरान ऐसे खुला घोटाले का राज

Ghaziabad Fake Gold Loan Scam:इस बड़े फर्जीड़े का खुलासा तब हुआ जब 10 जून 2026 को आरोपी दीपांशु बंसल अपने एक साथी के साथ बैंक में दोबारा सोना गिरवी रखकर लोन लेने पहुंचा। उस दौरान रेंडम चेकिंग प्रक्रिया के तहत बैंक अधिकारियों को आभूषणों की शुद्धता पर शक हुआ। जब अधिकारियों ने लोन की प्रक्रिया रोकनी चाही, तो दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए। इसके बाद बैंक ने अप्रैल से जून के बीच स्वीकृत हुए अन्य सभी गोल्ड लोन खातों की दोबारा स्वतंत्र वैल्यूअर से जांच कराई, जिसमें अधिकांश सोना नकली पाया गया।

अप्रैल से जून के बीच महज कुछ महीनों में हुआ खेल

Ghaziabad Fake Gold Loan Scam:पुलिस और बैंक की शुरुआती जांच में यह बात भी सामने आई है कि यह पूरा घोटाला एक सोची-समझी साजिश के तहत कुछ ही महीनों में अंजाम दिया गया। इसी साल अप्रैल से जून के बीच के समय में ये सभी लोन पास किए गए थे। चौंकाने वाली बात यह है कि छह ऐसे आरोपी भी शामिल हैं जिन्होंने दो-दो बार नकली सोना गिरवी रखकर बैंक से लोन की राशि उठाई। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य संदिग्धों की गहराई से तलाश कर रही है।

बैंक कर्मचारियों और फिनटेक कंपनी की संदिग्ध संलिप्तता

Ghaziabad Fake Gold Loan Scam:इस पूरे फर्जीवाड़े में बैंक के गोल्ड वैल्यूअर और फिनटेक कंपनी के कर्मचारियों की भूमिका बेहद संदग्धि पाई गई है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि बिना सही जांच के नकली सोने को पास कैसे कर दिया गया। पुलिस ने दीपांशु बंसल, ममयूर बंसल, शहजाद खान, सिद्धार्थ पांडे, अलीबिन हुसैन, विकास कुमार, कविता, वसीम अब्बास, अश्वनी, मुकुल कुमार, साहिल सिंह, अंकुर राजपूत, धर्मवीर राम, मौसीन खान, कैफ नौमान, हर्ष (रीजनल मैनेजर), दीपक डल्ला और अनुराग समेत कुल 18 लोगों को नामजद किया है।

निष्कर्ष: पुलिस की सख्त कार्रवाई और आगे की जांच

Ghaziabad Fake Gold Loan Scam:यह घटना वित्तीय संस्थानों की सुरक्षा प्रणालियों पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा करती है। गाजियाबाद पुलिस ने सभी नामजद आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है और उनकी धरपकड़ के लिए दबिश दी जा रही है। पुलिस का कहना है कि इस गिरोह से जुड़े हर एक शख्स को बेनकाब किया जाएगा और बैंक के पैसे की रिकवरी के लिए कानूनी प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ाई जा रही है।

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