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by-Ravindra Sikarwar

कोलकाता में भारी बारिश (24 घंटे में 247 मिमी) के कारण अचानक आई बाढ़ ने कम से कम 9 लोगों की जान ले ली, जिनमें ज्यादातर मौतें बिजली के झटके लगने से हुईं। शहर में जलभराव ने जनजीवन को पूरी तरह ठप कर दिया है। पश्चिम बंगाल के शिक्षा मंत्री ब्रत्य बसु ने सुरक्षा कारणों से 25 सितंबर तक स्कूलों को बंद करने का आदेश दिया। इसके अलावा, महाराष्ट्र (8 मौतें) और तमिलनाडु (30 मौतें) में भी मानसून की तबाही ने राष्ट्रीय मृतक संख्या को बढ़ा दिया है।

बाढ़ का कहर और प्रभाव:
कोलकाता में लगातार बारिश ने सड़कों, रिहायशी इलाकों और प्रमुख चौराहों को पानी में डुबो दिया। जल निकासी व्यवस्था की कमी के कारण कई इलाकों में कमर तक पानी भर गया, जिससे यातायात, दैनिक गतिविधियां और आपातकालीन सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुईं। बिजली के झटके से होने वाली मौतों ने प्रशासन पर सवाल उठाए, क्योंकि खुले तारों और खराब बुनियादी ढांचे ने स्थिति को और खतरनाक बना दिया।

सरकार की प्रतिक्रिया:
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रभावित क्षेत्रों के लिए राहत उपायों की घोषणा की, जिसमें भोजन, आश्रय और चिकित्सा सहायता शामिल है। हालांकि, स्थानीय निवासियों ने खराब जल निकासी व्यवस्था और नगर निगम की तैयारियों की कमी की कड़ी आलोचना की है। शिक्षा विभाग ने स्कूलों को बंद रखने का फैसला लिया ताकि बच्चों और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

देश के अन्य हिस्सों में स्थिति:
कोलकाता के अलावा, मानसून ने महाराष्ट्र और तमिलनाडु में भी भारी तबाही मचाई है। महाराष्ट्र में 8 लोगों की मौत और तमिलनाडु में 30 लोगों की जान जाने की खबर है। इन राज्यों में भी जलभराव, भूस्खलन और बुनियादी ढांचे को नुकसान की खबरें सामने आई हैं। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों में और बारिश की चेतावनी दी है, जिससे स्थिति और गंभीर हो सकती है।

सोशल मीडिया और जनता की प्रतिक्रिया:
X पर #KolkataRains हैशटैग ट्रेंड कर रहा है, जिसमें लोग डूबी सड़कों और प्रभावित इलाकों की तस्वीरें और वीडियो साझा कर रहे हैं। कई यूजर्स ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है, जबकि कुछ ने जलवायु परिवर्तन और शहरी नियोजन की खामियों को इस आपदा का कारण बताया।

निष्कर्ष:
कोलकाता और अन्य राज्यों में मानसून की तबाही ने बुनियादी ढांचे की कमियों को उजागर किया है। जैसे-जैसे दुर्गा पूजा नजदीक आ रही है, प्रशासन पर राहत और पुनर्वास कार्यों को तेज करने का दबाव बढ़ रहा है। नागरिकों से सावधानी बरतने और मौसम अपडेट्स पर नजर रखने की अपील की गई है।