Fake Income Tax Officers Extortion CaseFake Income Tax Officers Extortion Case
Spread the love

Fake Income Tax Officers Extortion Case;मुंबई में फिल्म ‘स्पेशल 26’ जैसी कहानी मने आई है। अंधेरी इलाके में एक कारोबारी के घर और दफ्तर पर कथित तौर पर फर्जी इनकम टैक्स और क्राइम ब्रांच की रेड डालकर 1 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। इस मामले में अब तक 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों में आयकर विभाग से जुड़े दो कर्मचारी भी शामिल हैं।

कारोबारी और पत्नी को घर से ऑफिस ले गए आरोपी

Fake Income Tax Officers Extortion Case;पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने पहले खुद को आयकर और क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताकर कारोबारी राजकुमार कन्डासमी के घर पर दस्तक दी। उन्होंने कारोबारी को बताया कि उसके खिलाफ आयकर विभाग की कार्रवाई चल रही है।

इसके बाद कथित तौर पर कारोबारी और उसकी पत्नी को जबरन गाड़ी में बैठाकर उनके कारोबारी परिसर में ले जाया गया। वहां पहले से मौजूद 11 कर्मचारियों को भी आरोपियों ने अपने नियंत्रण में ले लिया।

कर्मचारियों के मोबाइल फोन किए जब्त

Fake Income Tax Officers Extortion Case;आरोप है कि ऑफिस पहुंचने के बाद गिरोह ने लैंडलाइन फोन के तार काट दिए, ताकि बाहर किसी से संपर्क न किया जा सके। कर्मचारियों के मोबाइल फोन भी कथित तौर पर अपने कब्जे में ले लिए गए और उन्हें एक कमरे में बंद कर दिया गया।

इसके बाद कारोबारी और उनकी पत्नी पर दबाव बनाकर 1 करोड़ रुपये की रकम मांगी गई। आरोपियों ने कथित तौर पर सरकारी कार्रवाई का डर दिखाकर उन्हें पैसे देने के लिए मजबूर करने की कोशिश की।

महिला आरोपियों के व्यवहार से हुआ शक

Fake Income Tax Officers Extortion Case;पूरी घटना के दौरान कारोबारी को आरोपियों की गतिविधियों पर संदेह होने लगा। पुलिस के अनुसार, गिरोह में शामिल तीन महिलाओं के बातचीत करने और व्यवहार करने के तरीके से कारोबारी को लगा कि वे वास्तविक सरकारी अधिकारी नहीं हैं।

इसी शक के बाद मामले की जानकारी पुलिस तक पहुंची। अंधेरी पुलिस ने जांच शुरू कर आरोपियों तक पहुंचने की कार्रवाई की।

पुराने विवाद से जुड़ी बताई जा रही है साजिश

Fake Income Tax Officers Extortion Case;जांच में पुलिस को कथित तौर पर पता चला कि इस वारदात के पीछे कारोबारी का पूर्व ड्राइवर संतोष उदय खोपटकर था। बताया गया है कि कारोबारी और संतोष के बीच विवाद हुआ था, जिसके बाद संतोष को नौकरी से निकाल दिया गया था और उसके वेतन को लेकर भी विवाद था।

पुलिस के अनुसार, इसी नाराजगी में संतोष ने कारोबारी से जुड़ी अपनी पुरानी जानकारी का इस्तेमाल किया और अन्य लोगों के साथ मिलकर कथित फर्जी रेड की योजना बनाई।

लोगों को फर्जी अधिकारी बनने के लिए पैसे देने का दावा

Fake Income Tax Officers Extortion Case;पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह के कुछ सदस्यों ने अन्य लोगों को फर्जी रेड में अलग-अलग भूमिकाएं निभाने के लिए तैयार किया था। कथित तौर पर कुछ लोगों को अधिकारी या कर्मचारी का किरदार निभाने के बदले 50 हजार रुपये देने का वादा किया गया था।

इससे यह संकेत मिलता है कि कारोबारी को असली सरकारी कार्रवाई का भ्रम देने के लिए पूरी योजना पहले से तैयार की गई थी।

ठाणे में भी सामने आया था ऐसा मामला

Fake Income Tax Officers Extortion Case;पुलिस के अनुसार, इस गिरोह से जुड़े लोगों पर इससे पहले भी फर्जी रेड के आरोप सामने आ चुके हैं। ठाणे के मानपाड़ा इलाके में कथित तौर पर इसी तरह की कार्रवाई के जरिए करीब 25 लाख रुपये वसूलने का मामला सामने आया था।

अब पुलिस पुराने मामलों की भी जांच कर रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि गिरोह ने अब तक कितनी फर्जी रेड कीं और कितने लोगों से कथित तौर पर रकम वसूली।

आयकर विभाग के दो कर्मचारी गिरफ्तार

Fake Income Tax Officers Extortion Case;मामले की जांच के दौरान पुलिस को आयकर विभाग के दो कर्मचारियों की कथित संलिप्तता का पता चला। इसके बाद उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार किए गए 10 आरोपियों में संतोष उदय खोपटकर, विनय रमेश मोरे, प्रेम किसन सबनानी, प्रज्ञा हरीश माईन, रेश्मा शामराव वारंग, सबीना हाफीज शेख, सुरेश महावीरप्रसाद मिश्रा, सुनिल मनोहर गोरे, जितेंद्र उर्फ जितु मोरे और अशोक विठोबा शिंदे शामिल हैं।

पुलिस के मुताबिक, सुरेश महावीरप्रसाद मिश्रा आयकर निरीक्षक और सुनिल मनोहर गोरे कर सहायक के पद से जुड़े हैं।

एक और आयकर अधिकारी जांच के घेरे में

Fake Income Tax Officers Extortion Case;इस मामले में आयकर विभाग से जुड़े एक अन्य अधिकारी की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि कथित साजिश में उसकी कोई भूमिका थी या नहीं और उसका गिरफ्तार आरोपियों से किस तरह का संपर्क था।

BNS और Arms Act के तहत कार्रवाई

Fake Income Tax Officers Extortion Case;अंधेरी पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस तकनीकी और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर रही है।

जांच का मुख्य फोकस यह पता लगाना है कि गिरोह ने पहले कितनी ऐसी वारदातों को अंजाम दिया, कितने कारोबारी उसके निशाने पर रहे और कथित तौर पर कितनी रकम की वसूली की गई। साथ ही पुलिस यह भी जांच रही है कि इस नेटवर्क में सरकारी विभाग से जुड़े और कितने लोग शामिल हो सकते हैं।

read this;-ढाका का बदलता राजनीतिक परिदृश्य: पूर्वोत्तर भारत के सामने उभरती नई रणनीतिक चुनौतियां