Dhirendra Krishna ShastriDhirendra Krishna Shastri
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Dhirendra Krishna Shastri:बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री इन दिनों अपनी राम-नैतिक पदयात्रा को लेकर चर्चा में हैं। सागर से टीकमगढ़ तक निकाली जा रही इस यात्रा के दौरान उन्होंने कई ज्वलंत मुद्दों पर बेबाक राय रखी। उन्होंने हालिया मामलों का जिक्र करते हुए सनातन धर्म की बेटियों को सतर्क रहने की सलाह दी और विवादास्पद बयानों पर अपनी स्थिति स्पष्ट की।

यात्रा का उद्देश्य और “पहले घर संभालेंगे” की मुहिम

Dhirendra Krishna Shastri:अपनी 300 से अधिक किलोमीटर की यात्रा के अनुभवों को साझा करते हुए बाबा धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि यह एक धार्मिक और नैतिक यात्रा थी, जिसका उद्देश्य राजनीति करना नहीं बल्कि राम के संवाद को घर-घर पहुंचाना था।

  • संकल्प और एकता: इस यात्रा का मुख्य संकल्प हिंदू एकता को मजबूत करना और बुंदेलखंड में नशा मुक्ति को बढ़ावा देना था।
  • पारिवारिक सुरक्षा: बाबा ने स्पष्ट किया कि देश को संभालने से पहले हमें अपने घरों और परिवारों को संभालना होगा। मध्य प्रदेश के कुछ जिलों में बढ़ते मामलों का हवाला देते हुए उन्होंने बेटियों को आगाह किया कि वे सोच-समझकर कदम उठाएं और किसी भी अनजान व्यक्ति के बहकावे में न आएं।

“छांगुर बाबा के चक्कर में न फंसें, बजरंग बाबा के शरण में जाएं”

Dhirendra Krishna Shastri:संबोधन के दौरान धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने समाज में अंधविश्वास और छद्म बाबाओं से बचने की कड़ी सलाह दी। उन्होंने कहा:

“हमारी सनातन की बेटियां ऐसे किसी भी चंगुल में न फंसें और कोई भी हिंदू छांगुर बाबा जैसे लोगों के चक्कर में न फंसे, बल्कि बजरंग बाबा के चक्कर में फंसे, यही हमारा मुख्य उद्देश्य है।”

उन्होंने श्रद्धा हत्याकांड जैसे मामलों को हृदय विदारक बताते हुए समाज में जन-जागृति लाने को सबसे बड़ा उपाय बताया।

गरबा पंडालों और सुरक्षा पर विचार

Dhirendra Krishna Shastri:गरबा पंडालों में सुरक्षा और पहचान को लेकर उन्होंने एक बार फिर अनोखा सुझाव दिया। उनका मानना है कि पंडालों के बाहर गोमूत्र रखना चाहिए और प्रवेश करने वालों को उसका छिड़काव व चरणामृत दिया जाना चाहिए ताकि संस्कृति और शुचिता बनी रहे। साथ ही उन्होंने कहा कि वराह भगवान के दर्शन और फूल अर्पित करने के बाद ही अंदर प्रवेश की परंपरा को बढ़ावा दिया जाना चाहिए।

“हम सिर्फ अपने पक्ष में बोलते हैं, किसी के खिलाफ नहीं”

Dhirendra Krishna Shastri:हिंदू-मुस्लिम मुद्दों पर बात करते हुए धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि वे किसी अन्य धर्म या उसके पैगंबरों के खिलाफ कुछ नहीं बोलते, बल्कि वे केवल अपने सनातन धर्म और संस्कृति के पक्ष में बात करते हैं। उनका मानना है कि भारत में जन्म लेने वाला हर व्यक्ति मूल रूप से सनातनी है और जागृति ही समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकती है।

जेन-जी और व्यावहारिक जीवन पर विचार

Dhirendra Krishna Shastri:युवा पीढ़ी (Gen-Z) के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि आज के युवाओं को अपनी बात पूरी मजबूती के साथ रखनी चाहिए, लेकिन इस बात का ध्यान रखना बेहद जरूरी है कि इससे देश का माहौल खराब न हो या दंगे न भड़कें। उन्होंने विश्वास जताया कि देश की आने वाली पीढ़ी बहुत समझदार है और देश की प्रगति में अहम योगदान देगी। इसके अलावा, उन्होंने धर्म और पूजा-पाठ में व्यावहारिक (Practical) जीवन जीने की सलाह दी।

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