रिपोर्टर: राजेश कुमार
Delhi Metro New Master Plan : देश के सबसे व्यस्त इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय (IGI) हवाई अड्डे पर सफर करने वाले हवाई यात्रियों के लिए एक बेहद राहत भरी खबर है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) एयरपोर्ट पर कनेक्टिविटी को और अधिक विश्वस्तरीय बनाने के लिए 2.3 किलोमीटर लंबा ‘एयरोसिटी-टर्मिनल 1’ मेट्रो कॉरिडोर तैयार करने जा रहा है। यह नया रूट दिल्ली मेट्रो की आगामी ‘गोल्डन लाइन’ का ही एक महत्वपूर्ण विस्तार होगा, जिससे टर्मिनलों के बीच की दूरी मिनटों में सिमट जाएगी।
Delhi Metro New Master Plan टर्मिनल 1 बनेगा मेगा इंटरचेंज हब
इस नए अंडरग्राउंड कॉरिडोर के निर्माण के बाद, टर्मिनल 1 (T1) स्टेशन को मौजूदा मैजेंटा लाइन के साथ जोड़कर एक शानदार इंटरचेंज स्टेशन में तब्दील कर दिया जाएगा। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि सुदूर इलाकों से आने वाले यात्री भी बिना किसी परेशानी के सीधे एयरपोर्ट के अलग-अलग टर्मिनलों के बीच मेट्रो के जरिए ही आ-जा सकेंगे।
Delhi Metro New Master Plan शटल बसों के झंझट से मिलेगी मुक्ति
वर्तमान में टर्मिनल 1 से टर्मिनल 2 (T2) या टर्मिनल 3 (T3) जाने के लिए यात्रियों को हर 20 मिनट पर मिलने वाली शटल बसों पर निर्भर रहना पड़ता है। ट्रैफिक जाम और सामान के साथ बस बदलने की इस जद्दोजहद के कारण यात्रियों का काफी समय बर्बाद होता है। नया मेट्रो कॉरिडोर शुरू होते ही यह शटल बस सेवा पूरी तरह गुजरे जमाने की बात हो जाएगी और घरेलू व अंतर्राष्ट्रीय टर्मिनलों के बीच का सफर निर्बाध हो जाएगा।
Delhi Metro New Master Plan एयरोसिटी बनेगा दिल्ली का बड़ा ट्रांजिट सेंटर
इस योजना के तहत एयरोसिटी स्टेशन को एक विशाल और अत्याधुनिक ट्रांजिट हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। यह स्टेशन एक साथ कई बड़े परिवहन नेटवर्कों का मिलन केंद्र बनेगा, जिसमें:
- एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन (ऑरेंज लाइन)
- नई गोल्डन लाइन
- प्रस्तावित RRTS (दिल्ली-SNB-अलवर कॉरिडोर) शामिल हैं।
यात्रियों की भारी भीड़ और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए एयरोसिटी स्टेशन पर गोल्डन लाइन का प्लेटफॉर्म विशेष रूप से 290 मीटर लंबा बनाया जाएगा, जो सामान्य स्टेशनों की तुलना में करीब 30 मीटर अधिक बड़ा होगा।
Delhi Metro New Master Plan दिसंबर 2028 तक लक्ष्य और फेज V(A) की मंजूरी
हवाई अड्डे की संवेदनशीलता और सुरक्षा को देखते हुए इस पूरे कॉरिडोर को पूरी तरह से अंडरग्राउंड (भूमिगत) बनाने का निर्णय लिया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, इस प्रोजेक्ट को दिसंबर 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
यह नया रूट दिल्ली मेट्रो के फेज V(A) विस्तार योजना का एक हिस्सा है। केंद्रीय स्तर पर इस चरण के तहत तीन कॉरिडोरों को मंजूरी दी गई है, जिनमें एयरोसिटी-टर्मिनल 1 के अलावा तुगलकाबाद-कालिंदी कुंज और आरके आश्रम मार्ग-इंद्रप्रस्थ कॉरिडोर भी शामिल हैं।
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