Cyber Crime Mule Accounts Patna:बिहार की राजधानी पटना से करीब 70 किलोमीटर दूर बाढ़ के सलेमपुर में सामने आए एक मामले ने साइबर अपराध की दुनिया का पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस ने सीता देवी नामक 50 वर्षीय महिला को गिरफ्तार कर इस बात का खुलासा किया है कि किस तरह शातिर साइबर अपराधी ठगी के पैसों को ठिकाने लगाने के लिए म्यूल अकाउंट्स (Mule Accounts) और फर्जी सिम कार्डों का जुगाड़ करते हैं। इस खुलासे से यह भी साबित हुआ है कि अब अपराधियों ने अपने इस जाल में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, बैंककर्मियों और सीएसपी संचालकों को भी शामिल कर लिया है।
सरकारी योजनाओं और अनाज का लालच देकर फंसाते थे जाल में
Cyber Crime Mule Accounts Patna:पटना जिले की कोंदी पंचायत में रहने वाली सीता देवी (जो जीविका दीदी का काम करती है) ने भोले-भाले ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने और हर महीने 25 किलो मुफ्त अनाज देने का झांसा दिया। उसने गांव में शिविर लगवाकर केनरा बैंक और सेंट्रल बैंक में कई ग्रामीणों के बैंक खाते खुलवाए।
खाता खुलते ही वह एटीएम कार्ड, पासबुक और वेलकम किट अपने पास रख लेती थी। इसके अलावा, ग्रामीणों के दस्तावेजों का इस्तेमाल कर उनके नाम पर सिम कार्ड भी जारी करवा लिए गए। इन खातों और सिम का इस्तेमाल बाद में साइबर ठगों को मोटी रकम लेकर बेचने के लिए किया जाने लगा। इतना ही नहीं, शातिरों ने ग्रामीणों के नाम पर बैंकों से भारी-भरकम लोन भी ले लिया था।
जनप्रतिनिधियों और एजेंटों का बड़ा नेक्सस
Cyber Crime Mule Accounts Patna:साइबर पुलिस की जांच में यह हैरान करने वाली बात सामने आई है कि इस खेल में मुखिया, सरपंच और वार्ड पार्षद जैसे स्थानीय जनप्रतिनिधि कमीशन एजेंट के तौर पर काम कर रहे हैं।
- कमिश्रन का खेल: साइबर अपराधी जनप्रतिनिधियों को प्रति म्यूल खाता 25,000 से 35,000 रुपये और प्रति सिम कार्ड 3,000 से 5,000 रुपये तक का तगड़ा कमीशन देते हैं।
- म्यूल अकाउंट क्या है: यह ऐसा बैंक खाता होता है जिसका इस्तेमाल अपराधी किसी दूसरे व्यक्ति की अवैध या ठगी की रकम को मंगाने, निकालने या आगे ट्रांसफर करने के लिए करते हैं।
15 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी का खुलासा
Cyber Crime Mule Accounts Patna:शुरुआत में कुछ दिनों तक ग्रामीणों को अनाज दिया गया ताकि उनका भरोसा बना रहे। लेकिन बाद में अनाज मिलना बंद हो गया और खाताधारकों को यह तक नहीं पता चला कि उनके खातों में क्या लेन-देन हो रहा है। सनसनी तब फैली जब मध्य प्रदेश और हैदराबाद से संदिग्ध रकम आने पर पुलिस सीधे ग्रामीणों के घरों तक पहुंच गई।
जांच में पता चला कि पिछले तीन सालों में करीब 500 ग्रामीणों के इन खातों के जरिए 15 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की रकम मंगाई गई थी। जब सच्चाई सामने आई तो ग्रामीण अपने खाते बंद कराने के लिए बैंकों की दौड़ लगाने लगे।
बरामदगी और आगे की कार्रवाई
Cyber Crime Mule Accounts Patna:पुलिस ने आरोपी महिला सीता देवी की निशानदेही पर छापेमारी की और उसके पास से निम्नलिखित सामान बरामद किया:
- 12 मोबाइल फोन
- 13 सिम कार्ड
- 1 बायोमेट्रिक डिवाइस
- 2 पासबुक, 2 एटीएम कार्ड और 1 चेक बुक
इस गिरोह का सरगना सरपंच संतोष मुखिया और उसका साथी आजाद फिलहाल फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। साइबर डीएसपी संगीता कुमारी ने बताया कि देश भर में साइबर ठगी के लिए बिहार एक बड़ा हब बनता जा रहा है। साल 2026 में अकेले बिहार में मनी लॉन्ड्रिंग के लिए 58,585 म्यूल अकाउंट्स चिन्हित किए गए हैं, जिनमें सबसे ज्यादा 9,543 खाते अकेले पटना जिले में पाए गए हैं। पुलिस इस पूरे नेटवर्क की कमर तोड़ने के लिए व्यापक स्तर पर जांच कर रही है।

