By: Ravindra Singh
CPR : किसी व्यक्ति को अचानक कार्डियक अरेस्ट होने पर शुरुआती कुछ मिनट उसकी जान बचाने के लिए बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। ऐसी आपातकालीन स्थिति में कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (CPR) की मदद से मस्तिष्क और शरीर के दूसरे जरूरी अंगों तक रक्त का प्रवाह बनाए रखने में सहायता मिल सकती है। हालांकि, CPR हर बेहोश व्यक्ति को देने की जरूरत नहीं होती। यह जानना जरूरी है कि इसे कब शुरू करना चाहिए और किन परिस्थितियों में छाती पर दबाव नहीं डालना चाहिए।

CPR एक आपातकालीन प्रक्रिया है, जिसमें छाती को बार-बार दबाकर रक्त संचार बनाए रखने की कोशिश की जाती है। सही समय पर CPR शुरू करने और उपलब्ध होने पर ऑटोमेटेड एक्सटर्नल डिफिब्रिलेटर (AED) का इस्तेमाल करने से कार्डियक अरेस्ट के मरीज की जान बचने की संभावना बढ़ सकती है। आइए जानते हैं CPR देने का सही तरीका और इससे जुड़े जरूरी नियम।
CPR क्या है और यह क्यों जरूरी है?
CPR CPR का पूरा नाम कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन है। इसका इस्तेमाल तब किया जाता है, जब किसी व्यक्ति का हृदय प्रभावी ढंग से रक्त पंप करना बंद कर देता है। ऐसी स्थिति में शरीर के महत्वपूर्ण अंगों तक पर्याप्त रक्त और ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती।
छाती को सही तरीके से दबाने से रक्त का प्रवाह कुछ हद तक बनाए रखने में मदद मिलती है। यह प्रक्रिया मेडिकल सहायता पहुंचने तक बेहद महत्वपूर्ण हो सकती है।
CPR कब देना चाहिए?
CPR यदि कोई व्यक्ति अचानक बेहोश होकर गिर जाए, आवाज देने या कंधे पर हल्के से थपथपाने पर प्रतिक्रिया न दे और सामान्य रूप से सांस न ले रहा हो, तो कार्डियक अरेस्ट की आशंका हो सकती है। ऐसी स्थिति में तुरंत आपातकालीन सहायता बुलाकर CPR शुरू करना चाहिए।
इन संकेतों पर विशेष ध्यान दें:
- व्यक्ति आवाज देने और छूने पर प्रतिक्रिया नहीं दे रहा हो।
- उसकी सांसें बंद हों या सामान्य न हों।
- वह केवल हांफ रहा हो या अनियमित तरीके से सांस ले रहा हो।
ध्यान रखें कि हांफने जैसी असामान्य सांस को सामान्य सांस नहीं माना जाता। आम लोगों को नाड़ी जांचने में समय गंवाने के बजाय बेहोशी और सामान्य सांस न होने के संकेतों पर तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।
CPR देने से पहले क्या करें?
CPR CPR शुरू करने से पहले कुछ जरूरी कदम उठाएं:
- जगह सुरक्षित है या नहीं, देखें: यह सुनिश्चित करें कि आसपास बिजली, आग, यातायात या कोई अन्य खतरा न हो।
- व्यक्ति की प्रतिक्रिया जांचें: उसे आवाज दें और कंधे पर हल्के से थपथपाएं।
- सांस की जांच करें: देखें कि वह सामान्य रूप से सांस ले रहा है या नहीं। इसमें अधिक समय न लगाएं।
- आपातकालीन सहायता बुलाएं: भारत में 112 पर कॉल करें या किसी दूसरे व्यक्ति से फोन करने को कहें।
- AED मंगवाएं: यदि आसपास उपलब्ध हो, तो किसी से ऑटोमेटेड एक्सटर्नल डिफिब्रिलेटर लाने के लिए कहें।
- CPR शुरू करें: यदि व्यक्ति प्रतिक्रिया नहीं दे रहा और सामान्य रूप से सांस नहीं ले रहा, तो मेडिकल सहायता का इंतजार किए बिना छाती पर दबाव देना शुरू करें।
वयस्क व्यक्ति को CPR देने का सही तरीका
1. हाथों की सही स्थिति रखें
CPR व्यक्ति को पीठ के बल किसी सख्त और समतल सतह पर लिटाएं। अपनी एक हथेली का निचला हिस्सा उसकी छाती के बीचोंबीच, छाती की हड्डी पर रखें। दूसरी हथेली को पहली के ऊपर रखें और उंगलियों को आपस में फंसा लें।
2. छाती पर तेजी से दबाव डालें
CPR अपनी कोहनियां सीधी रखें और कंधों को हाथों के ठीक ऊपर रखें। इसके बाद छाती को जोर से और तेजी से दबाएं।
वयस्कों के लिए CPR के दौरान इन बातों का ध्यान रखें:
- छाती को लगभग 5 से 6 सेंटीमीटर तक दबाएं।
- एक मिनट में 100 से 120 बार दबाव दें।
- हर दबाव के बाद छाती को पूरी तरह सामान्य स्थिति में लौटने दें।
- दबाव डालते समय बार-बार रुकने से बचें।
3. रेस्क्यू ब्रीद्स कब दें?
CPR यदि आप CPR देने के लिए प्रशिक्षित हैं और कृत्रिम सांस देने में सहज हैं, तो 30 बार छाती दबाने के बाद दो रेस्क्यू ब्रीद्स दे सकते हैं। इसके बाद इसी क्रम को दोहराएं।
यदि आप प्रशिक्षित नहीं हैं या मुंह से सांस देने में सहज नहीं हैं, तो केवल छाती दबाकर CPR देना शुरू करें। मदद आने या व्यक्ति में जीवन के स्पष्ट संकेत दिखाई देने तक, अथवा आप शारीरिक रूप से जारी रखने में असमर्थ होने तक, CPR जारी रखें। AED उपलब्ध होने पर उसके निर्देशों का पालन करें।
CPR कब नहीं देना चाहिए?
हर बेहोश व्यक्ति को CPR देना सही नहीं है। कुछ परिस्थितियों में छाती पर दबाव डालने के बजाय दूसरे जरूरी कदम उठाने चाहिए।
1. व्यक्ति होश में है
CPR यदि व्यक्ति बात कर रहा है, प्रतिक्रिया दे रहा है और सामान्य रूप से सांस ले रहा है, तो उसे CPR देने की जरूरत नहीं है। उसकी परेशानी के अनुसार चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराएं।
2. व्यक्ति बेहोश है, लेकिन सामान्य सांस ले रहा है
CPR यदि कोई व्यक्ति बेहोश है, लेकिन सामान्य रूप से सांस ले रहा है, तो छाती पर दबाव न डालें। तुरंत आपातकालीन सहायता बुलाएं और उसकी सांस पर लगातार नजर रखें।
यदि कोई गंभीर चोट होने की आशंका नहीं है, तो उसे करवट के बल रिकवरी पोजिशन में रखा जा सकता है। यदि रीढ़ या गर्दन में चोट का संदेह हो, तो अनावश्यक रूप से न हिलाएं, जब तक उसकी सांस की नली सुरक्षित करने के लिए ऐसा करना जरूरी न हो।
3. हार्ट अटैक है, लेकिन व्यक्ति होश में है
CPR हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट अलग-अलग स्थितियां हैं। हार्ट अटैक में व्यक्ति के हृदय तक रक्त पहुंचाने वाली धमनियों में रुकावट हो सकती है, जबकि कार्डियक अरेस्ट में हृदय प्रभावी ढंग से रक्त पंप करना बंद कर देता है।
यदि किसी व्यक्ति को सीने में दर्द, दबाव, सांस फूलने या ठंडा पसीना आने जैसे हार्ट अटैक के लक्षण हैं, लेकिन वह होश में है और सामान्य रूप से सांस ले रहा है, तो उसे CPR देने की जरूरत नहीं है। तुरंत चिकित्सा सहायता बुलाएं और उसे खुद वाहन चलाकर अस्पताल जाने न दें।
यदि वह बेहोश हो जाए और सामान्य रूप से सांस लेना बंद कर दे, तो कार्डियक अरेस्ट मानकर तुरंत CPR शुरू करें।
CPR देते समय किन गलतियों से बचें?
- CPR शुरू करने में देर न करें।
- छाती पर बहुत हल्का या बहुत धीमा दबाव न डालें।
- प्रत्येक दबाव के बाद छाती को वापस सामान्य स्थिति में आने दें।
- CPR के दौरान अनावश्यक लंबे अंतराल न लें।
- AED उपलब्ध होने पर उसके निर्देशों को नजरअंदाज न करें।
- व्यक्ति की सांस सामान्य न होने पर केवल नाड़ी जांचने में समय न गंवाएं।
CPR से जुड़ी जरूरी बात
CPR CPR एक जीवनरक्षक आपातकालीन प्रक्रिया है, लेकिन इसे सही तरीके से करना महत्वपूर्ण है। यदि कोई व्यक्ति बेहोश है और सामान्य रूप से सांस नहीं ले रहा, तो तुरंत 112 पर कॉल करें, CPR शुरू करें और उपलब्ध AED का इस्तेमाल करें। सही समय पर उठाया गया कदम किसी की जान बचाने में मददगार हो सकता है।
Disclaimer: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य संबंधी जानकारी के लिए है। CPR का व्यावहारिक प्रशिक्षण किसी मान्यता प्राप्त प्राथमिक चिकित्सा या लाइफ सपोर्ट प्रशिक्षण कार्यक्रम से लेना बेहतर है। आपातकालीन स्थिति में स्थानीय आपातकालीन सेवा के निर्देशों का पालन करें।
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