Editorial: ध्यान भटकाने की राजनीति और आर्थिक जाल: कैसे ‘राष्ट्रवाद’ के शोर में दब गए जनता के बुनियादी सरोकार?
रविन्द्र सिंह Editorial : भारतीय राजनीति में साल 2014 के बाद सत्ता के संचालन का एक नया मॉडल देखने को मिला है। इस मॉडल का मूल मंत्र है—”मुद्दे बदलो, ध्यान…
