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Report by: Sanjeev Kumar

Bokaro : झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के जिला अध्यक्ष रतनलाल मांझी एक बड़े विवाद के घेरे में आ गए हैं। उन पर उनकी पहली पत्नी, गुलाबी देवी ने गंभीर आरोप लगाते हुए न्याय की गुहार लगाई है। यह मामला अब राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है, क्योंकि इसमें एक तरफ रसूखदार राजनीतिक पद है और दूसरी तरफ कानूनी प्रक्रियाओं के उल्लंघन का दावा।

Bokaro एसपी आवास पहुंचकर पत्नी और बेटी ने मांगा न्याय

हाल ही में रतनलाल मांझी की पहली पत्नी गुलाबी देवी और उनकी बेटी आरती कुमारी बोकारो के पुलिस अधीक्षक (SP) के आवास पहुंचीं। वहां उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए अपनी व्यथा साझा की। गुलाबी देवी का कहना है कि उनके पति ने कानून को ताक पर रखकर दूसरी शादी रचाई है। उन्होंने बताया कि वह पुलिस के पास पहले भी गई थीं और 14 अप्रैल को होने वाली शादी को रोकने की गुहार लगाई थी, लेकिन उस समय पुलिस प्रशासन द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। अब वह न्याय की उम्मीद में उच्च अधिकारियों के चक्कर काट रही हैं।

Bokaro तस्वीरों ने खोली पोल: शादी से इनकार कर रहे थे नेताजी

दिलचस्प बात यह है कि जब शुरुआत में यह मामला सामने आया था, तब जेएमएम नेता रतनलाल मांझी ने शादी की खबरों को सिरे से खारिज कर दिया था। हालांकि, अब सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से शादी की तस्वीरें सार्वजनिक होने के बाद मामला गरमा गया है। गुलाबी देवी और आरती कुमारी का तर्क है कि ये तस्वीरें स्पष्ट रूप से दूसरी शादी की पुष्टि करती हैं। परिवार का कहना है कि जब तक पहली पत्नी के साथ कानूनी तौर पर तलाक की प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, तब तक दूसरी शादी करना न केवल अनैतिक है बल्कि गैर-कानूनी भी है।

Bokaro चरित्र हनन और सामाजिक बदनामी का आरोप

गुलाबी देवी ने बेहद भावुक होकर बताया कि उनके पति ने न केवल उन्हें छोड़ दिया, बल्कि समाज में उनकी छवि खराब करने के लिए उनके चरित्र पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “2019 से हम दोनों अलग रह रहे हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि उन्हें कानून तोड़ने का हक मिल गया है।” पत्नी का आरोप है कि पति द्वारा लगाए गए आधारहीन आरोपों के कारण उन्हें और उनके बच्चों को समाज में अपमानित होना पड़ रहा है। एक तरफ जहां वह अपने सम्मान की लड़ाई लड़ रही हैं, वहीं दूसरी तरफ पति के इस कदम ने उनके आत्मसम्मान को गहरी चोट पहुंचाई है।

Bokaro बच्चों के भविष्य पर गहराया संकट

इस पूरे विवाद के बीच सबसे बड़ा सवाल आरती कुमारी और उनके भाई-बहनों के भविष्य को लेकर खड़ा हो गया है। गुलाबी देवी ने चिंता जताते हुए कहा कि उनके पति एक जिम्मेदार पद पर हैं, फिर भी उन्होंने अपने परिवार की सुध लेना छोड़ दिया है। बिना कानूनी तलाक के दूसरी शादी करने से संपत्ति और उत्तराधिकार जैसे मुद्दों पर भी पेच फंस सकता है। आरती कुमारी ने भी पिता के इस कदम का विरोध करते हुए कहा कि उनके और उनकी माँ के भविष्य का क्या होगा, इसकी चिंता प्रशासन को करनी चाहिए।

फिलहाल, इस पूरे प्रकरण के बाद बोकारो में राजनीतिक हलचल तेज है और लोग यह देख रहे हैं कि पुलिस और पार्टी आलाकमान इस मामले में क्या रुख अपनाते हैं।

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