Report by: Sanjeev Kumar
Bokaro : झारखंड के बोकारो में पुलिस ने एक हाई-प्रोफाइल साइबर गिरोह को पकड़ने में बड़ी सफलता हासिल की है। चास थाना क्षेत्र की एक पॉश सोसाइटी में छिपकर देश भर के लोगों को अपना शिकार बना रहे चार शातिर अपराधियों को पुलिस ने रंगे हाथ दबोचा है। पकड़े गए सभी आरोपी साइबर अपराध के गढ़ माने जाने वाले जामताड़ा जिले के रहने वाले हैं, जो बोकारो को अपना नया ठिकाना बनाकर ठगी कर रहे थे।
Bokaro लग्जरी सोसाइटी के फ्लैट में चल रहा था ठगी का खेल
बोकारो पुलिस अधीक्षक (SP) को गुप्त सूचना मिली थी कि चास थाना क्षेत्र के ‘मालती लक्सजरिया सिटी’ के एन-ब्लॉक स्थित फ्लैट नंबर 101 में कुछ संदिग्ध गतिविधियां चल रही हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए चास थाना प्रभारी प्रकाश मंडल के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया, जिसमें साइबर थाना की टीम को भी शामिल किया गया। पुलिस ने जब सुनियोजित तरीके से उक्त फ्लैट पर छापेमारी की, तो अंदर का नजारा देखकर अधिकारी भी दंग रह गए। वहां चार युवक मोबाइल और लैपटॉप के जरिए बड़े पैमाने पर डिजिटल ठगी को अंजाम दे रहे थे।
Bokaro ठगी का ‘मोडस ऑपरेंडी’: बैंक अधिकारी बनकर लगाते थे चूना
गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ के दौरान अपने काले कारनामों की पूरी जानकारी पुलिस के सामने उजागर की है। अपराधियों ने बताया कि वे खुद को बैंक अधिकारी बताते हुए लोगों को कॉल करते थे। वे ग्राहकों को डराते थे कि उनका KYC अपडेट नहीं है, ATM ब्लॉक होने वाला है या फिर आकर्षक लोन का लालच देते थे। झांसे में लेकर वे पीड़ितों के मोबाइल पर एक फर्जी APK फाइल इंस्टॉल करवाते थे। इसके बाद व्हाट्सएप कॉल और स्क्रीन शेयरिंग के जरिए वे पीड़ित के फोन का पूरा कंट्रोल ले लेते थे और बैंक डिटेल, OTP व पासवर्ड हासिल कर चंद मिनटों में खाता खाली कर देते थे।
Bokaro जामताड़ा कनेक्शन: 4 महीने से सक्रिय था गिरोह
पुलिस की जांच में यह बात सामने आई है कि पकड़े गए सभी अपराधी मूल रूप से जामताड़ा जिले के निवासी हैं। जामताड़ा में पुलिस की बढ़ती दबिश के कारण इन लोगों ने पिछले 3-4 महीनों से बोकारो के इस लग्जरी फ्लैट को अपना कंट्रोल रूम बना रखा था ताकि किसी को शक न हो। ये अपराधी इतने शातिर थे कि पकड़े न जाने के लिए केवल व्हाट्सएप और डिजिटल माध्यमों का ही उपयोग करते थे।
Bokaro भारी मात्रा में तकनीकी उपकरण और डेटा बरामद
पुलिस ने छापेमारी के दौरान आरोपियों के पास से ठगी में इस्तेमाल होने वाले कई महत्वपूर्ण साक्ष्य और उपकरण बरामद किए हैं:
- 16 स्मार्ट मोबाइल फोन (विभिन्न सिम कार्डों के साथ)
- 01 लैपटॉप (जिसमें ठगी का डेटा मौजूद है)
- सैकड़ों मोबाइल नंबरों से भरी डायरी (संभावित शिकारों की लिस्ट)
Bokaro पुलिस की कार्रवाई और कानूनी प्रक्रिया
चास पुलिस ने इस मामले में कांड संख्या 36/26 दर्ज कर विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस अब उन बैंक खातों और डिजिटल वॉलेट की जांच कर रही है, जिनमें ठगी की रकम ट्रांसफर की गई थी। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस गिरोह के तार और किन-किन शहरों से जुड़े हैं। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति को अपना OTP न दें और न ही कोई संदिग्ध फाइल अपने मोबाइल में इंस्टॉल करें।
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