By: Ravindra Singh
BMI : फिट और स्वस्थ रहने के लिए शरीर का वजन संतुलित होना जरूरी है। जरूरत से ज्यादा वजन मोटापा और कई लाइफस्टाइल संबंधी बीमारियों का जोखिम बढ़ा सकता है। वहीं बहुत कम वजन होने पर भी शरीर को पर्याप्त पोषण न मिलने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। ऐसे में अक्सर सवाल उठता है कि आखिर अपनी हाइट के अनुसार किसी व्यक्ति का वजन कितना होना चाहिए।

विशेषज्ञों के अनुसार किसी व्यक्ति के आदर्श वजन का आकलन केवल वजन देखकर नहीं किया जा सकता। इसमें हाइट, उम्र, शरीर में मौजूद मांसपेशियों और फैट की मात्रा के साथ कमर के आसपास जमा चर्बी जैसे कई कारकों को ध्यान में रखना चाहिए।
हाइट के अनुसार वजन जानने में BMI कैसे मदद करता है?
BMI बॉडी मास इंडेक्स यानी BMI एक सामान्य तरीका है, जिसकी मदद से हाइट के अनुपात में शरीर के वजन का अनुमान लगाया जा सकता है। BMI निकालने के लिए वजन को किलोग्राम में और लंबाई को मीटर में लिया जाता है।
BMI का फॉर्मूला:
वजन (किलोग्राम) ÷ [हाइट (मीटर) × हाइट (मीटर)]
उदाहरण के तौर पर अगर किसी व्यक्ति की हाइट 1.65 मीटर और वजन 60 किलो है, तो BMI करीब 22 होगा।
हालांकि BMI केवल एक सामान्य संकेतक है। किसी व्यक्ति की पूरी स्वास्थ्य स्थिति समझने के लिए शरीर में फैट का वितरण, कमर का आकार और अन्य स्वास्थ्य मानकों को भी देखना जरूरी होता है।
5 फीट 5 इंच हाइट पर कितना वजन?
BMI लगभग 150 सेंटीमीटर हाइट वाले व्यक्ति के लिए वजन करीब 42 से 56 किलोग्राम के बीच हो सकता है।
5 फीट 6 इंच हाइट पर कितना वजन?
लगभग 155 सेंटीमीटर लंबाई वाले व्यक्ति का वजन करीब 44 से 60 किलोग्राम के बीच हो सकता है।
5 फीट 7 इंच हाइट पर कितना वजन?
BMI लगभग 160 सेंटीमीटर हाइट के लिए सामान्य अनुमानित वजन 47 से 64 किलोग्राम के बीच हो सकता है।
5 फीट 8 इंच हाइट पर कितना वजन?
BMI करीब 165 सेंटीमीटर लंबाई वाले व्यक्ति का वजन लगभग 50 से 68 किलोग्राम के बीच हो सकता है।
5 फीट 9 इंच हाइट पर कितना वजन?
BMI लगभग 170 सेंटीमीटर हाइट के लिए वजन करीब 53 से 72 किलोग्राम के बीच हो सकता है।
ध्यान रखें कि ये आंकड़े केवल सामान्य अनुमान हैं। हर व्यक्ति का स्वस्थ वजन उसकी उम्र, शरीर की बनावट, मांसपेशियों और फैट की मात्रा के आधार पर अलग हो सकता है।
भारतीयों के लिए सिर्फ BMI देखना क्यों पर्याप्त नहीं?
BMI दक्षिण एशियाई लोगों में कम BMI होने के बावजूद पेट और कमर के आसपास अतिरिक्त फैट जमा होने की संभावना अधिक हो सकती है। यही कारण है कि केवल BMI के आधार पर किसी व्यक्ति के स्वास्थ्य जोखिम का आकलन करना पर्याप्त नहीं माना जाता।
पेट के आसपास अधिक चर्बी मेटाबॉलिक समस्याओं के जोखिम से जुड़ी हो सकती है। इसमें टाइप-2 डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और हृदय संबंधी बीमारियों का खतरा शामिल है।
बहुत कम वजन होने से भी हो सकता है नुकसान
BMI जिस तरह ज्यादा वजन स्वास्थ्य के लिए परेशानी पैदा कर सकता है, उसी तरह जरूरत से कम वजन भी शरीर के लिए नुकसानदायक हो सकता है। कम वजन की स्थिति में शरीर को पर्याप्त पोषक तत्व नहीं मिल पाते। ऐसे में शरीर ऊर्जा की जरूरत पूरी करने के लिए मांसपेशियों के प्रोटीन का इस्तेमाल कर सकता है।
इससे मांसपेशियों की ताकत और स्टैमिना कम हो सकता है। व्यक्ति को रोजमर्रा के काम करने में जल्दी थकान महसूस हो सकती है और रोग प्रतिरोधक क्षमता भी प्रभावित हो सकती है।
ज्यादा वजन बढ़ने पर बढ़ सकता है बीमारियों का खतरा
BMI शरीर में जरूरत से ज्यादा फैट जमा होने पर मेटाबॉलिज्म प्रभावित हो सकता है। इससे शरीर के लिए इंसुलिन का प्रभावी ढंग से इस्तेमाल करना मुश्किल हो सकता है और ब्लड शुगर बढ़ने का खतरा रहता है।
अधिक वजन दिल पर भी अतिरिक्त दबाव डाल सकता है। इसके अलावा शरीर में अतिरिक्त फैट जमा होने से लिवर प्रभावित हो सकता है और फैटी लिवर जैसी समस्या का जोखिम बढ़ सकता है।
सिर्फ वजन नहीं, पूरी सेहत पर दें ध्यान
BMI अपनी हाइट के अनुसार सही वजन जानना स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने का एक हिस्सा है। हालांकि केवल तराजू या BMI के आंकड़े देखकर अपनी सेहत का फैसला नहीं करना चाहिए। संतुलित खानपान, नियमित शारीरिक गतिविधि, पर्याप्त नींद और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच को भी जीवनशैली का हिस्सा बनाना जरूरी है।
Disclaimer: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के लिए है। वजन या BMI से जुड़ी किसी व्यक्तिगत समस्या के लिए डॉक्टर या योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ की सलाह लें।

