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रिपोर्टर: प्रेम श्रीवास्‍तव

Jamshedpur : महिला विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा महिला वोकेशनल शिक्षिकाओं के ‘स्पेशल लीव’ (विशेष अवकाश) को सरकार द्वारा समाप्त किए जाने के हालिया फैसले ने एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। झारखंड बी.एड प्राध्यापक संघ ने इस कदम पर तीव्र असंतोष व्यक्त किया है। संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. विशेश्वर यादव ने यूनिवर्सिटी प्रबंधन के इस निर्णय की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए इसे महिला कर्मचारियों के अधिकारों पर सीधा प्रहार करार दिया है।

शिक्षिकाओं के अधिकारों पर कुठाराघात और प्रशासनिक निर्णय का विरोध

Jamshedpur डॉ. विशेश्वर यादव ने स्पष्ट किया कि महिला कर्मचारियों को मिलने वाला विशेष अवकाश कोई प्रशासनिक रियायत नहीं, बल्कि उनकी विशिष्ट शारीरिक एवं सामाजिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सरकार द्वारा निर्धारित एक बुनियादी सुविधा है। विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा बिना किसी उच्च आदेश के इसे अचानक वापस लेना सर्वथा अनुचित है। उन्होंने कहा कि यह फैसला न केवल संवेदनहीनता को दर्शाता है, बल्कि महिला सशक्तिकरण की दिशा में बनाए गए सरकारी प्रावधानों का खुला उल्लंघन भी है।

सरकारी नियमों के उल्लंघन पर प्राध्यापक संघ का रुख

Jamshedpur संघ के अध्यक्ष ने ध्यान दिलाया कि न तो झारखंड राज्य सरकार और न ही केंद्र सरकार की ओर से ऐसा कोई दिशा-निर्देश जारी किया गया है जो महिलाओं को मिलने वाले विशेष अवकाश को समाप्त करने की अनुमति देता हो। विश्वविद्यालय प्रशासन ने उच्च स्तरीय नियमों और सरकारी नीतियों को ताक पर रखकर यह मनमाना नोटिफिकेशन जारी किया है। जब तक शीर्ष स्तर से कोई संवैधानिक बदलाव न हो, तब तक स्थानीय प्रशासन को ऐसे जनविरोधी और नियम-विरुद्ध फैसले लेने का कोई नैतिक या कानूनी अधिकार नहीं है।

मांगें न मानने पर सड़क से सदन तक आंदोलन का अल्टीमेटम

Jamshedpur झारखंड बी.एड प्राध्यापक संघ ने जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय प्रशासन से इस विवादित नोटिफिकेशन को तत्काल प्रभाव से वापस लेने की मांग की है। डॉ. यादव ने चेतावनी दी कि यदि विश्वविद्यालय प्रबंधन अपने अड़ियल रवैये पर कायम रहता है और शिक्षिकाओं का हक बहाल नहीं करता, तो राज्यभर के शिक्षक एकजुट होकर उग्र आंदोलन करेंगे। यह लड़ाई केवल कैंपस तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसके विरोध में सड़क से लेकर राज्य के सदन तक जोरदार प्रदर्शन और आवाज बुलंद की जाएगी।

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