Azamgarh Double Murder:उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले से एक बेहद दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ मंगलवार शाम को भाई की आत्मा की शांति के लिए चल रहे पूजा-पाठ के दौरान एक पति ने खूनी खेल खेलते हुए अपनी पत्नी और दो पंडितों समेत तीन लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी। इस सनसनीखेज वारदात के बाद पूरे इलाके में भारी दहशत का माहौल है और पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है। आइए जानते हैं इस दर्दनाक घटना का
उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के अहरौला थाना क्षेत्र अंतर्गत शंभूपुर गांव में मंगलवार शाम उस समय हड़कंप मच गया, जब घर में चल रहे धार्मिक अनुष्ठान के दौरान विवाद के बाद ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू हो गई। इस गोलीबारी में आरोपी की पत्नी बबिता सिंह और दो अन्य पंडितों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी तुरंत भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँच गए।
भाई की शांति के लिए हो रही पूजा के खिलाफ था आरोपी
Azamgarh Double Murder:प्राप्त जानकारी के अनुसार, करीब दो साल पहले आरोपी अरविंद सिंह के भाई गुड्डू सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उसी भाई की आत्मा की शांति के लिए परिवार में ‘नारायणी बली’ पूजा कराने की योजना बनाई गई थी। हालांकि, आरोपी अरविंद इस पूजा को कराने के पूरी तरह खिलाफ था। उसने अपनी पत्नी और मां को साफ तौर पर पूजा न करने की चेतावनी दी थी, लेकिन परिवार ने उसकी मर्जी के बिना घर पर यह अनुष्ठान आयोजित करवा लिया।
पंडितों से मांगे गए दस्तावेज को लेकर शुरू हुआ विवाद
Azamgarh Double Murder:घटना के समय आरोपी अरविंद घर पर नहीं था, लेकिन जब वह शाम को बाजार से लौटकर घर पहुँचा, तो उसने घर में पूजा होते देख हंगामा शुरू कर दिया। आरोप है कि उसने वहां मौजूद पंडितों से उनकी पहचान संबंधी दस्तावेज (दस्तावेज मांगे जाने की बात पर) को लेकर विवाद खड़ा कर दिया। इसी बात को लेकर उसकी अपनी पत्नी से भी तीखी बहस और कहासुनी हो गई, जो देखते ही देखते इतनी बढ़ गई कि मामला खूनी संघर्ष में बदल गया।
गुस्से में आकर चलाई गोलियां, पत्नी और दो पंडितों की मौत
Azamgarh Double Murder:विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपी अरविंद ने गुस्से में आकर घर में रखी अपनी लाइसेंसी या अवैध पिस्टल निकाली और अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। इस गोलीबारी में उसकी पत्नी बबिता सिंह के अलावा पूजा कराने आए पंडित महेंद्र पाठक और पंडित अखिलेश मिश्रा को गंभीर गोलियां लगीं। तीनों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। इस अचानक हुए जानलेवा हमले से पूरे घर में चीख-पुकार मच गई।
घटना के बाद बच्चों के साथ घर के अंदर कैद हुआ आरोपी
Azamgarh Double Murder:इस सनसनीखेज वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी अरविंद सिंह अपने तीन मासूम बच्चों के साथ खुद को घर के अंदर ही बंद कर लिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक (एसपी) डॉ. अनिल कुमार, एसपी ग्रामीण चिराग जैन सहित तीन थानों की भारी-भरकम पुलिस फोर्स तुरंत मौके पर पहुँच गई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पूरे घर को चारों तरफ से घेर लिया और स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास शुरू कर दिए।
निष्कर्ष: पारिवारिक कलह और अंधविश्वास का खौफनाक अंत
Azamgarh Double Murder:यह पूरी घटना इस बात का प्रमाण है कि पारिवारिक असहमति और जिद किस तरह एक भयानक त्रासदी का रूप ले सकती है। भाई की शांति के लिए रखी गई पूजा ने पूरे परिवार को उजाड़ कर रख दिया। फिलहाल पुलिस आरोपी को पकड़ने और पूरे मामले की हर एंगल से कानूनी जांच करने में जुटी हुई है।
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